दिल की समस्याओं के इलाज में तकनीकी प्रगति तेजी से हो रही है, और अब नई और उन्नत विधियां सामने आ रही हैं। दरअसल कुछ ऐसा ही फ्रांस के नॉरिस टेलर के मामले में हुआ है। जहां हार्ट प्रॉब्लम को ठीक करने के लिए एक नया और अत्याधुनिक तरीका अपनाया गया है, जिसमें साउंड वेव्स का उपयोग किया गया। बता दें कि जब नॉरिस को सीने में दर्द और सांस लेने में कठिनाई महसूस हुई, तो उनकी जांच में दिल की कोरोनरी धमनियों में गंभीर रुकावटें पाई गईं। उनकी स्थिति इतनी गंभीर थी कि उनके दिल के बाईं कोरोनरी धमनी में 70% और बाईं सर्कमफ्लेक्स नस में 99% तक ब्लॉकेज था। इस गंभीर स्थिति के बावजूद ओपन-हार्ट सर्जरी उनके लिए एक सुरक्षित विकल्प नहीं था।
FDA ने किया था साउन्ड वेव को अप्रूव्ड
फ्रांसिस्कन हेल्थ डायर की मेडिकल टीम ने नॉरिस की स्थिति को अस्थायी रूप से स्थिर करने के लिए बैलून पंप प्रक्रिया का उपयोग किया, लेकिन उनके उपचार के लिए एक और विकल्प की आवश्यकता थी। ऐसे में टीम ने शॉकवेव C2 कैथेटर का उपयोग करने का निर्णय लिया, जो ध्वनि तरंगों की मदद से कोरोनरी धमनियों में गंभीर रुकावटों को तोड़ता है। यह न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसे कोरोनरी इंट्रावैस्कुलर लिथोट्रिप्सी कहा जाता है, को 2021 में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा अप्रूव्ड किया गया था।
साउन्ड वेव कैसे करता है काम
बता दें कि इस प्रक्रिया में साउंड वेव्स को धमनी के अंदर भेजा जाता है, जो रुकावट को तोड़ने में मदद करती है। साउंड वेव्स धमनी या नसों को नुकसान पहुंचाए बिना आराम से सेल्स से होकर गुजरती हैं। जब धीरे-धीरे ब्लॉकेज कम होने लगते हैं, तब धमनी के अंदर एक स्टेंट लगाया जाता है। स्टेंट लगाते समय दवाओं का उपयोग किया जाता है ताकि ब्लॉकेज खत्म हो जाए और प्रक्रिया सफल हो।
शॉकवेव C2 कैथेटर को दिल तक पहुंचाना
शॉकवेव C2 कैथेटर को दिल तक पहुंचाने के लिए मरीज की कमर में एक छोटा चीरा लगाया जाता है, जिससे यह उपकरण दिल तक पहुंचाया जाता है। यह प्रक्रिया ओपन-हार्ट सर्जरी के बजाय एक सुरक्षित विकल्प के रूप में उभरी है। कुछ मामलों में यह एक आउटपेशेंट प्रक्रिया भी हो सकती है, जिसमें मरीज को उसी दिन अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।
नॉरिस इस प्रक्रिया से गुजरने वाला पहला मरीज बना
बता दें कि नॉरिस जो 32 साल से सेवानिवृत्त चार्टर बस चालक हैं, इस प्रक्रिया से गुजरने वाला पहला मरीज बना। उसने बताया कि पहले तो वह घबराया हुआ था, लेकिन बाद उसने महसूस किया कि वे भविष्य में दूसरों की मदद करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठा रहा है। सर्जिकल टीम और डॉक्टरों ने उसको सर्जरी के हर चरण के बारे में विस्तार से समझाया और नॉरिस की सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी हुई।
इस प्रक्रिया के बाद नॉरिस ने कोई दर्द महसूस नहीं किया, और अब वे फिजियोथेरेपी करवा रहे हैं ताकि वे और मजबूत हो सकें। शॉकवेव तकनीक ने दिल के इलाज में एक नई उम्मीद की किरण पैदा की है, खासकर उन मरीजों के लिए जो पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
