अगर आप किसी वजह से जलने के शिकार हो गये हैं तो आपको इधर उधर भागने की जरूरत नहीं हैं। दरअसल कानपुर और उसके आसपास के जनपदों के मरीजों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। बता दें यहां के मरीजों को किसी दुर्घटना में जल जाने पर इलाज के लिए अब इधर-उधर या प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कानपुर के हैलट अस्पताल में बर्न व प्लास्टिक सर्जरी का 50 बेड का विभाग तैयार हो रहा है। यहां पर हर प्रकार के जले हुए रोगियों का इलाज अच्छे से किया जा सकेगा।
90% सिविल काम पूरा हुआ
आपको बता दें कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन द्वारा लाला लाजपत राय हैलट अस्पताल में अभी बर्न वार्ड बना हुआ है, जहां पर जले हुए मरीजों को इलाज की सुविधा मिलती है। लेकिन अब इस बर्न वार्ड को विभाग में तब्दील करने की तैयारी कॉलेज प्रबंधन द्वारा ही की जा रही है। इसके लिए 90% सिविल काम भी पूरा हो चुका है और जल्दी शासन से अनुमति मिल जाने के बाद इसी साल यह विभाग यहां पर शुरू कर दिया जायेगा।
मरीजों के लिए होंगी सभी सुविधाएं उपलब्ध
इस विभाग के बन जाने से बर्न रोगियों को काफी राहत मिल सकती है। उन्हें इलाज करने के लिए प्राइवेट अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यहीं पर उन्हें अच्छे लेवल पर इलाज मिल सकेगा। यहां पर बेड पर ही आईसीयू की सुविधा उनको दी जाएगी।
प्रशिक्षित स्टाफ और दूसरी फैकल्टी की भी मांग
कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर संजय काला ने बताया कि बर्न वार्ड को बर्न और प्लास्टिक सर्जरी का विभाग बनाने का काम चल रहा है। यहां पर प्रशिक्षित स्टाफ और दूसरी फैकल्टी की भी मांग की रखी गई है। जल्दी शासन से अप्रूवल आ जाने के बाद काम और तेजी से शुरू कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि अभी यह विभाग किसी राज्य की मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध नहीं है। कानपुर का मेडिकल कॉलेज पहला ऐसा मेडिकल कॉलेज होगा जहां पर यह विभाग शुरू होगा।
