इन दिनों देश के अधिकांश जगहों पर काफी तेजी से डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। वहीं लोगों से अपील की जा रही है कि वह डेंगू से बचने के लिए सावधानियां बरते। बता दें कि भारत में डेंगू की वैक्सीन अगले साल तक उपलब्ध हो सकती है, जिससे इस मच्छरों से फैलने वाली बीमारी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण हथियार मिलेगा। वर्तमान में इस वैक्सीन का ट्रायल तीसरे फेज में है, और इसे लेकर चार कंपनियां भारत में परीक्षण कर रही हैं। बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्र ने हाल ही में राज्यों के साथ एक बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अक्टूबर में डेंगू के मामले सबसे ज्यादे हो सकते हैं, और इस साल पिछले साल के मुकाबले डेंगू के अधिक मामले देखे जा रहे हैं।
डेंगू के मामलों में होगी कमी
डेंगू की वैक्सीन के बाजार में आने से लोगों को काफी राहत मिलेगी, और इससे डेंगू से होने वाली मौतों की संख्या में भी कमी आने की उम्मीद है। सचिव ने बताया कि वर्ष 2000 में डेंगू की मृत्यु दर 3% थी, जो अब घटकर 0.1% हो गई है। इस वैक्सीन के आगमन के साथ, डेंगू के मामलों में और अधिक नियंत्रण की संभावना है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन्स
बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्यों के लिए गाइडलाइन्स भी जारी की हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू के मामले अगस्त से नवंबर के बीच सबसे अधिक होते हैं, और अक्टूबर में यह बीमारी अपने चरम पर होती है। इस बार खासतौर पर दक्षिण और पश्चिमी राज्यों में जैसे कि तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, और कर्नाटक में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मंत्रालय ने राज्यों से प्लेटलेट्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपील की है, क्योंकि डेंगू के गंभीर मामलों में प्लेटलेट्स की कमी एक बड़ी चिंता का विषय बन जाती है।
डेंगू के मामलों में 25-30% की वृद्धि
वहीं पिछले साल की तुलना में इस साल डेंगू के मामलों में 25-30% की वृद्धि देखी गई है। सचिव ने कहा कि अगस्त महीने में डेंगू के केस की शुरुआत हो चुकी है और अक्टूबर में इसके मामले अपने चरम पर पहुंच सकते हैं। हालांकि नवंबर में मामलों की संख्या में गिरावट आने की संभावना है। इस बढ़ती संख्या के मद्देनजर राज्यों को डेंगू के खिलाफ सख्त कदम उठाने और जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
डेंगू के कारण होने वाली मौतों में होगी कमी
डेंगू की वैक्सीन के आगमन से इस बीमारी के खिलाफ जंग में एक नई दिशा मिलने की उम्मीद है। वैक्सीन के आने से डेंगू के कारण होने वाली मौतों में और भी कमी आ सकती है, जिससे भारत में इस बीमारी पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। मंत्रालय की गाइडलाइन्स और आगामी वैक्सीन दोनों ही डेंगू के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
