दुनिया भर में ChatGPT अपनी लोकप्रियता के लिए जाना जाता है। वहीं ChatGPT न केवल एजुकेशन, बिजनेस के कामों के लिए फायदेमंद है बल्कि यह हेल्थ सेक्टर में भी काफी हेल्पफूल है। ऐसे में वैज्ञानिकों ने ChatGPT हेल्थ सेक्टर में कितना उपयोगी है, इस बात की पुष्टि करने के लिए हाल ही में एक स्टडी की, जिसमें खुलासा हुआ कि ChatGPT अभी डॉक्टर नहीं बन सकता क्योंकि बीमारियों के लक्षण को पहचानने में कच्चा है। बता दें कि इस स्टडी को PLOS ONE में प्रकाशित किया गया है और इसका उद्देश्य OpenAI के इस प्लेटफार्म की मेडिकल मामलों में उपयोगिता की जांच करना था।
स्टडी का उद्देश्य और प्रक्रिया
बता दें कि इस स्टडी का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि ChatGPT जटिल चिकित्सा मामलों में कितना प्रभावी हो सकता है। इसके लिए रिसर्चर्स ने Medscape Clinical Challenges का इस्तेमाल किया, जिसमें मरीजों की कंडीशन और केस हिस्ट्री के आधार पर सवाल पूछे गए। इन मामलों में मल्टीपल हेल्थ समस्याएं शामिल थीं और यह देखा गया कि क्या ChatGPT इन बीमारियों का सही निदान और इलाज की सलाह दे सकता है।
150 Clinical Challenges का किया गया टेस्ट
स्टडी के दौरान ChatGPT पर 150 Clinical Challenges का टेस्ट किया गया, जो अगस्त 2021 के बाद पब्लिश किए गए थे। हर एक केस में मरीज की पूरी हिस्ट्री, इलाज की जानकारी और संभावित टेस्ट शामिल थे। इन जवाबों की तुलना Medscape यूजर्स द्वारा दिए गए रिस्पॉन्स से की गई।
स्टडी के परिणाम
स्टडी में यह पाया गया कि ChatGPT ने 49 प्रतिशत मामलों में सही जवाब दिए। वहीं Medscape यूजर्स द्वारा दिए गए जवाबों की तुलना में ChatGPT ने करीब 61 प्रतिशत सवालों का समय पर उत्तर दिया। कुल मिलाकर ChatGPT ने 74 प्रतिशत एक्युरेसी हासिल की, लेकिन इसके जवाबों पर इलाज के दौरान पूरी तरह भरोसा नहीं किया गया।
इलाज के संदर्भ में ChatGPT पर भरोसा कम
ChatGPT के द्वारा दिए गए जवाबों में से केवल 49 प्रतिशत मामलों में ही क्लियर जवाब मिले। हालांकि यह गलत जवाबों को अलग करने में सक्षम रहा, लेकिन जटिल मामलों में इसका उपयोग सीमित रहा। इसके अलावा इलाज के संदर्भ में इस पर भरोसा कम किया गया है, जो यह दर्शाता है कि यह मौजूदा मेडिकल पेशेवरों का पूरी तरह से विकल्प नहीं बन सकता।
हेल्थ सेक्टर में AI को विकसित करने की जरूरत
हालांकि ChatGPT को लेखक, असाइनमेंट या अन्य लेखन कार्यों में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन चिकित्सा जैसे संवेदनशील और जटिल क्षेत्रों में इसका उपयोग अभी भी सीमित है। इस प्रकार की स्टडीज से यह स्पष्ट होता है कि AI-आधारित तकनीकों को अभी और विकसित करने की आवश्यकता है, खासकर जब बात स्वास्थ्य सेवा की हो।
