इनदिनों बारिश के कारण कई तरह के इन्फेक्शन होने के चांसेस बढ़ जाते हैं। ऐसे में एक्सपर्ट्स बाहर का खाना खाने के लिए मना करते हैं। वहीँ बहुत से लोग बारिश के मौसम में भी मटके का पानी पीते हैं। दरअसल मटके का पानी पीना सेहत के लिए काफी अच्छा होता वहीँ आयुर्वेद से लेकर प्राकृतिक चिकित्सा और योग तक में मिट्टी के मटके में रखे पानी को पीने के फायदे बताए गए हैं। लेकिन क्या बरसात के मौसम में भी मिट्टी के घड़े का पानी पीना चाहिए। तो आज इसी के बारे में जानते हैं।
फंगस लगने का डर
अगर आप बारिश के मौसम में अपने घरों में मिट्टी के घड़े का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं तो थोड़ी दूरी बना लें। वहीँ बता दें बारिश का मौसम आते-आते या तो मटके का पानी ठंडा करना कम कर देता है या फिर मटके के ऊपर सफेद रंग की एक परत सी जमने लगती है। वहीँ अगर आप इस परत को साफ नहीं करते हैं तो फिर यह पपड़ी बनकर पानी के अंदर ही गिरने लगती है। यह एक तरह की फंगस ही होती है। जिसे बाद पानी पीने से सेहत को नुकसान हो सकता है।
घड़े के अन्दर किट पनप सकते हैं
आपको बता दें अगर आप मटके को अंदर से बिना धोए, कई दिनों तक लगातार पानी डालते हैं और उसी पानी को पीते हैं तो सेहत ख़राब हो सकती है। दरअसल घड़े के अंदर कुछ कीट भी पनप जाते हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में घड़े की साफ-सफाई को लेकर विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। हालांकि इसका पानी बारिश में पीना चाहिए या नहीं इसे लेकर एक्सपर्ट की अलग अलग राय है।
बारिश में मटके का पानी पीएं या नहीं
आपको बता दें मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान नई दिल्ली के निदेशक डॉ. काशीनाथ समगंडी के मुताबिक बरसात के दिनों में मटके का पानी पीना सही नहीं है ऐसे इसलिए क्योंकि इसमें शीत वीर्य को बढ़ाने का गुण होता है। इससे शरीर में वात दोष का असंतुलन बढ़ता है। इसीलिए बारिश के मौसम में मटके का पानी ना पिएं। इसके अलावा आयुर्वेद भी मानता है कि बरसात के मौसम में बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं जो मिट्टी के घड़े के आसपास भी पनप सकते हैं। इसलिए मटके का पानी बारिश के मौसम में पीना सही नहीं है।
इस बर्तन का करे यूज़
विशेषज्ञों की मानें तो बारिश के मौसम में आप तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानी पी सकते हैं। यह सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। इस मौसम में तांबे या स्टील के बर्तन में पानी पीने की सलाह दी जाती है। तांबा अनावश्यक बैक्टीरिया को मारकर पानी को शुद्ध करने में सक्षम होता है।
