गलत खान-पान खराब लाइफस्टाइल के कारण कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इन्हीं बीमारियों में से एक है हाई ब्लड प्रेशर। बहुत से लोग अपना बीपी चेक नहीं करवाते जिसके कारण उनमें स्ट्रोक, किडनी फैलियर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हाल ही में मिशिगन मेडिसिन के द्वारा की गई रिसर्च के अनुसार, उच्च सिस्टोलिक हाई बीपी ( ब्लड प्रेशर की ऊपरी संख्या जो हृदय के द्वारा धमनियों में रक्त पंप करने का बल दिखाती है) समय के साथ-साथ दो मुख्य तरह के स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है। रिसर्च में 18 साल और और उससे ज्यादा उम्र के करीबन 40,000 से ज्यादा व्यस्कों में पहले स्ट्रोक से पहले औसत सिस्टोलिक हाई बीपी के सालों का विश्लेषण किया गया जिनमें स्ट्रोक का कोई पिछला इतिहास नहीं था।

तीन तरह के स्ट्रोक पर किया रिसर्चस ने अध्ययन

इस रिसर्च में रिसचर्स ने तीन तरह के स्ट्रोक पर अध्ययन किया। जिसमें इस्केमिक स्ट्रोक, इंट्रासेरेब्रल रक्तस्त्राव और सबराच्नॉइड रक्तस्राव शामिल है। इस्केमिक स्ट्रोक जिसमें मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह को अवरुद्द करने वाला थक्का शामिल होता है और सभी स्ट्रोक का इसमें 85% से ज्यादा हिस्सा होता है। इंट्रासेरेब्रल रक्तस्त्राव जिसमें मस्तिष्क के अंदर रक्तस्त्राव होता है और सबराच्नॉइड रक्तस्त्राव जिसमें मस्तिष्क के आस पास के ऊतकों के बीच में रक्तस्त्राव होता है।

उनके निष्कर्षों से संकेत मिला कि औसत सिस्टोलिक रक्तचाप सामान्य से 10 मिमी एचजी ज्यादा होने से समग्र स्ट्रोक और इस्केमिक स्ट्रोक का 20% और इंट्रासेरेब्रेल रक्तस्त्राव का जोखिम 31% बढ़ जाता है। रिपोर्ट में आईसीएमआर(ICMR)-एनसीडीआईआर (NCDIR) की स्टडी का हवाला देते हुए यह कहा गया कि उम्र में आने वाले 10 में से 3 लोगों ने कभी भी अपना बीपी चेक ही नहीं करवाया था जिसके कारण स्ट्रोक, हार्ट अटैक, कि़डनी फैलियर जैसी खतरनाक बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है।

ऐसे में यदि हाई ब्ल़ड प्रेशर जैसी समस्या से बचना है तो आप आज से ही अपने लाइफस्टाइल की आदतों में ये 5 बदलाव शामिल कर लें।

खुद को रखें फिजिकली एक्टिव

यदि आप खुद को फिजिकली एक्टिव यानी की रोज एक्सरसाइज करते हैं तो इससे आपका ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहेगा। इसके अलावा आपका मूड़, पावर और बैलेंस भी सही रहेगा। इससे डायबिटीज और हार्ट की बीमारियों का खतरा भी कम होता है। एचए (AHA)के अनुसार हफ्ते में यदि आप कम से कम दो दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं तो इससे आपको कई फायदे होंगे।

खाना पोषक तत्वों से भरपूर लें

यदि आप सही और पोषक तत्वों से भरपूर खाना लेते हैं तो सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर को काफी हद तक कम रख सकते हैं। आप अपने खाने में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लौ फैट डेयरी प्रोडक्ट, लीन मीट शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा प्रोसेस-अनहेल्दी फूड्स से दूरी बना लें।

धूम्रपान और शराब से रहें दूर

धूम्रपान के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। इसके अलावा इससे हाई बीपी और दिल संबंधी बीमारियों का जोखिम भी ज्यादा होता है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन भी शराब को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानता है क्योंकि इससे कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

वजन और तनाव पर करें गौर

बढ़ता हुआ वजन और मोटापा हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ाता है ऐसे में वजन को कम रखकर आप हाई बीपी से बच सकते हैं। वहीं स्ट्रेस को मैनेज करके भी आप वजन कंट्रोल रख सकते हैं। इसके लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज को अपनी रुटीन में शामिल करें।

नमक पर रखें कंट्रोल

यदि आप अपना ब्लड प्रेशर कम करना चाहते हैं तो अपनी डाइट में से नमक कम कर दें। ज्यादा मात्रा में नमक खआने से शरीर में फ्लूयड जमा होने लगता है जिसके कारण ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ जाता है खाने में नमक की बजाय आप स्वाद बढ़ाने के लिए मसालों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

By tnm

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