नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से जालंधर के स्थानीय क्लिनिक में हेपेटाइटिस दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जालंधर के नीमा के अध्यक्ष डॉ. सतबीर सिंह की अध्यक्षता में हुई। वहीं मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. राजीव धवन उपस्थित थे। नीमा जालंधर के सचिव डॉ. नीरज कालरा ने सभी उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया और कार्यक्रम की शुरुआत की।
हेपेटाइटिस होने के विभिन्न कारण
कार्यक्रम के दौरान डॉ. संजीव धवन ने हेपेटाइटिस के विभिन्न कारणों और इसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस मुख्य रूप से गंदे खान-पान, अस्वच्छ रहन-सहन, अत्यधिक शराब और सिगरेट के सेवन से होता है। इसके अलावा छोटे बच्चों में जंक फूड का अत्यधिक सेवन भी इस बीमारी के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डॉ. धवन ने बताया कि बच्चों को जंक फूड से दूर रखने और उन्हें पौष्टिक आहार देने से इस बीमारी से बचा जा सकता है।
हेपेटाइटिस से बचने के उपाय
हेपेटाइटिस से बचाव के उपायों पर चर्चा करते हुए डॉ. धवन ने कहा कि साफ-सफाई बनाए रखना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और संतुलित आहार का सेवन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शराब और सिगरेट का सेवन कम करने से भी हेपेटाइटिस के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर टीकाकरण कराना भी इस बीमारी से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं। डॉ. धवन ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को इस बीमारी के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया।
समाज में जागरूकता फैलाना जरूरी
वहीं कार्यक्रम के अंत में नीमा पंजाब के सचिव डॉ. अनिल नग्रत ने सभी उपस्थित सदस्यों का धन्यवाद किया। उन्होंने सभी डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे समाज में हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करें। डॉ. नग्रत ने विशेष रूप से झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों और बच्चों को इस बीमारी के बारे में जागरूक करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की जिम्मेदारी केवल इलाज तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य जागरूकता पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए।
हेपेटाइटिस डिसीज क्या है
इस दौरान डॉ. नग्रत ने कहा कि हेपेटाइटिस एक गंभीर है जो वायरल इंफेक्शन की वजह से होती है। लेकिन यदि समय पर इसे पहचान लिया जाए और सही उपचार किया जाए तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने सभी डॉक्टरों से अपील की कि वे समाज के हर वर्ग तक पहुंचकर उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम में ये लोग शामिल
आपको बता दें कि इस आयोजन ने न केवल लोगों को हेपेटाइटिस के बारे में जानकारी दी, बल्कि उन्हें इसके बचाव के उपायों के प्रति भी जागरूक किया। वहीं इस मौके पर डॉ. सतबीर सिंह, डॉ. राजीव धवन, डॉ. नीरज कालरा और डॉ. अनिल नागरत और अन्य डॉ. मौजूद रहें।
