बीते कुछ दिनों से लगातार चांदीपुरा वायरस के मामले सामने आ रहे हैं। सरकार लोगों को इस वायरस के प्रति अलर्ट रहने की अपील भी की है। वहीं इस वायरस से सबसे ज्यादा बच्चे प्रभावती होते हैं। बता दें कि हाल ही में गुजरात के भरूच जिले के चार साल के बच्चे में चांदीपुरा वायरल इंसेफेलाइटिस (सीएचपीवी) के लक्षण पाया गया है। जिसके बाद उसे सोमवार देर रात वडोदरा के गुजरात मेडिकल एजुकेशन रिसर्च सोसाइटी (जीएमईआरएस) में भर्ती कराया गया।
भरूच में चांदीपुरा वायरस का पहला मामला
बता दें कि यह आदिवासी बालक जिले का पहला संदिग्ध मरीज है जिसे सीएचपीवी होने का संदेह है। भरूच स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बच्चा घनीखुट गांव का निवासी है और दो दिन पहले नेत्रंग के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आया था। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे सोमवार शाम को राजपीपला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया और रात में तेज बुखार और ऐंठन के साथ उसे जीएमईआरएस में भर्ती कराया गया।
लड़के की हालत बेहतर
भरूच जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे एस धुलेरा ने बताया कि लड़के की हालत स्थिर है और उसके डॉक्टरों के संपर्क में हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लड़के के रक्त के नमूने जांच के लिए गांधीनगर की प्रयोगशाला और पुणे के राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान में भेजे गए हैं और रिपोर्ट का इंतजार है। डॉ. धुलेरा ने यह भी बताया कि बालक की छह वर्षीय बड़ी बहन को भी बुखार था, लेकिन उसमें चांदीपुरा वायरस के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं।
गांव में सर्वेक्षण टीम तैनात
भरूच के जिला कलेक्टर तुषार सुमेरा ने बताया कि घनीखुट गांव से पहला संदिग्ध मामला सामने आने के बाद, गांव में सर्वेक्षण टीमों को तैनात कर दिया गया है। गांव की आबादी 1,200 से अधिक है। जिला कलेक्टर ने बताया कि आस-पास के गांवों में भी जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है। सरकारी और निजी स्कूलों के छात्रों को वायरस और इसके लक्षणों के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
क्या है चांदीपुरा वायरस
चांदीपुरा वायरस एक दुर्लभ वायरस है जो प्रमुख रूप से छोटे बच्चों को प्रभावित करता है। यह वायरस मच्छरों द्वारा फैलता है। वहीं इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, और मांसपेशियों में ऐंठन शामिल हैं। हालांकि गंभीर मामलों में यह वायरस दिमाग को प्रभावित कर सकता है और इंसेफेलाइटिस का कारण बन सकता है, जिससे मरीज कोमा में भी पहुंच सकता है।
सरकार ने लोगों से किया अपील
स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय जनता से आग्रह किया है कि वे सावधान रहें और मच्छरों से बचने के लिए उचित कदम उठाएं। मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने और घर के अंदर और बाहर सफाई रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति में बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
