मिर्च खाना बहुत ही कम लोगों को पसंद होता है। लेकिन अगर चिप्स या अन्य फ़ूड आइटम्स में मिर्च हो तो स्वाद में बहुत से लोग उस चीज को खा लेते हैं। वहीँ भारत में हर घर में मिर्च का यूज़ खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है। जबकि विदेशों में लोगों को मसालेदार चीजें बिल्कुल भी पसंद नहीं आतीं हैं।
अब ऐसे में जापान में मिर्च को लेकर एक मामला सामने आया है जहां मसालेदार चिप्स खाने से लगभग 14 छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दिलचस्प बात ये है कि उन छात्रों ने भारत की सबसे तीखी मिर्च से बने चिप्स खा लिए थे।
मुहं और पेट में दर्द
दरअसल ऑडिटी सेंट्रल नामक वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 30 जापानी छात्रों को चिप्स खाने के बाद मुंह और पेट में दर्द की शिकायत हुई। इस चिप्स को ‘R18 करी चिप्स’ के नाम से जाना जाता है। खास बात ये है कि चिप्स के पैकेट पर साफ-साफ ये चेतावनी दी गई होती है कि इसे 18 साल से कम उम्र के लोग न खाएं और साथ ही उच्च रक्तचाप या खराब पाचन वाले लोग इसका सेवन न करें। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस आलू चिप्स को बनाने के लिए भारतीय मिर्च का इस्तेमाल किया गया है। जिसे भूत जोलोकिया या भूत झोलकिया के नाम से जाना जाता है।
अस्पताल में भर्ती कराया गया स्टूडेंट्स को
बता दें स्थानीय पुलिस ने जापान टुडे को बताया कि दोपहर करीब 12 बजकर 40 मिनट पर रोकुगो कोका हाई स्कूल में फर्स्ट ईयर की 13 लड़कियों और एक लड़के ने मतली और मुंह और पेट में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद इमरजेंसी में कॉल किया गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
18 साल से कम उम्र के लोग न खाएं ये चिप्स
बता दें क्यो के रहने वाले एक शख्स ने साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट को बताया कि मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि ऐसा खाना भी मौजूद है। वहीं, द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, चिप्स के निर्माता ने कहा कि 18 साल से कम उम्र के लोगों को ऐसे फ़ूड आइटम्स का सेवन नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रोडक्ट का सेवन करते समय मसालेदार भोजन पसंद करने वालों के साथ-साथ जो लोग मसालेदार भोजन पसंद नहीं करते, उन्हें भी सावधान रहने की जरूरत है।
भारत की सबसे तीखी मिर्च भूत झोलकिया
भूत झोलकिया भारत की सबसे तीखी मिर्च और दुनिया की सबसे तीखी मिर्चों में से एक मानी जाती है। इसकी खेती पूर्वोत्तर भारत खासतौर पर मणिपुर, नागालैंड और असम के आसपास के इलाकों में की जाती है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, साल 2007 से 2011 तक यह दुनिया की सबसे तीखी मिर्च साबित हुई है।
