लखनऊ शहर की स्वास्थ्य सेवाओं में हाल ही में किये गए बदलाव ने लोगों के जीवन में बड़ी सुधार की उम्मीद जगाई है। यह नई पहल उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जो स्वास्थ्य सेवाओं की अच्छी गुणवत्ता और समयबद्ध पहुंच की तलाश में रहते हैं। दरअसल पहले के समय में लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए दिल्ली-एनसीआर या मुंबई का रुख़ करते थे, लेकिन अब लोगों को अपने ही लखनऊ शहर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकती हैं।
बता दें कि लखनऊ में न सिर्फ़ सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है, बल्कि बड़े कॉरपोरेट अस्पताल भी यहां आए हैं, जिसमें से एक सहारा अस्पताल है। वहीं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक ने भी कई मंचों पर शहर के स्वास्थ्य ढांचे में वृद्धि को स्वीकार किया है। चलिए इसके बारे में जानते हैं।
हेल्थ सिटी गोमतीनगर विस्तार में 200 बेड की सुविधा शुरू
अब हेल्थ सिटी गोमतीनगर विस्तार में अपनी बड़ी 200-बेड की सुविधा शुरू करने वाली है, जिसके लिए फरवरी 2023 में लखनऊ में आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। बता दें कि हेल्थ सिटी विस्तार जल्द ही एक दर्जन सर्जिकल और मेडिकल स्पेशलिटी में ओपीडी सेवाएं शुरू करेगा। वहीं अगस्त से इनडोर सेवाएं शुरू होंगी।
संस्थापक अध्यक्ष डॉ संदीप कपूर ने क्या बताया
हेल्थ सिटी के संस्थापक अध्यक्ष डॉ संदीप कपूर ने बताया कि हम 200 बेड से शुरुआत करेंगे जो बाद में ट्रॉमा और जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी और डायबिटीज केयर, महिला और बाल स्वास्थ्य, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी आदि सहित 300 से अधिक बेडों की संख्याओं में बढ़ जाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि इस परियोजना की घोषणा 2023 के यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में की गई थी और अब हम इसे लॉन्च करने के लिए तैयार हैं।
लखनऊ स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में बढ़ा
एक्सपर्ट्स के मुताबिक कॉरपोरेट अस्पतालों के क्षेत्र में लखनऊ की छवि को एक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में बढ़ाया है। वहीं अपोलोमेडिक्स मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल्स के एमडी और सीईओ डॉ. मयंक सोमानी ने बताया कि फिलहाल लखनऊ मेडिकल सेवाओं और विशेषज्ञों की उपलब्धि के मामले में वृद्धि हुई है। यही नहीं संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के पूर्व निदेशक और मेदांता लखनऊ के प्रमुख डॉ. राकेश कपूर का भी यही कहना है।
