मिनिस्ट्री ऑफ़ हेल्थ की तरफ से डायरिया रोको अभियान शुरू किया गया है। जिसके तहत 2 महीने की अवधि में ओआरएस एवं जिंक की को-पैकेजिंग, स्वच्छ पेयजल का उपयोग, शिक्षा और संचार, सामाजिक व्यवहार परिवर्तन संचार पर मुख्य रूप से ध्यान दिया जाएगा। बता दें अभियान 1 जुलाई से शुरू हो चूका है जो 31 अगस्त तक चलेगा।
झांसी में हुआ शुरू
नता दें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में डायरिया रोको अभियान का संचालन झांसी के सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुधाकर पांडे की अध्यक्षता में किया गया। नोडल अधिकारी डॉ एन के जैन ने अभियान के संबंध में बहुत सी जानकारी शेयर की।
वहीँ उन्होंने बताया कि इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही आईसीडीएस विभाग, शिक्षा विभाग, नगर विकास विभाग, ग्राम विकास विभाग, पंचायती राज विभाग एवं मिशन जल शक्ति द्वारा अंतर-विभागीय समन्वय से गतिविधियां चल रही हैं। अभियान के दौरान आशा एवं आंगनवाड़ी अपने गांव में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर घर जाकर ओआरएस को बनाने एवं उपयोग के संबंध में जानकारी दे रही हैं।
इसी के साथ दस्त से बचाव के संबंध में चर्चा भी कर रही हैं। अभियान के मध्य दस्त रोग से ग्रसित बच्चा मिलने पर ओआरएस एवं जिंक की गोलियां का उपयोग किया जा रहा है। डिहाइड्रेशन से बच्चों को बचाया जा रहा है। अधिक डिहाइड्रेशन होने, खूनी पेचिश अथवा दीर्घ स्थाई दस्त की अवस्था में बच्चों को चिकित्सालय पर संदर्भित किया जाएगा।
डायरिया की रोकथाम
डॉ सुधाकर पांडे ने बताया कि डायरिया रोग भारत में बीमारी और मृत्यु दर के प्रमुख कारणों में से एक है। 5 वर्ष से कम उम्र के 5.8 प्रतिशत बच्चों की मृत्यु डायरिया के कारण होती है ।रोकथाम ही दस्त प्रबंधन की कुंजी है ।
डायरिया की रोकथाम के लिए सुरक्षित पेयजल तक पहुंच, बेहतर स्वच्छता, साबुन और पानी से हाथ धोना, पर्याप्त पोषण, जिसमें केवल स्तनपान और पूरक आहार सम्मिलित हो, अच्छी व्यक्तिगत और खाद्य स्वच्छता, संक्रमण की रोकथाम और टीकाकरण के महत्व के बारे में स्वास्थ्य शिक्षा सम्मिलित है।
इसके साथ ही ओआरएस और जिंक के साथ प्राथमिक उपचार, शीघ्र स्वस्थ होने और निवारक उपायों के माध्यम से मृत्यु से बचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अजय भाले, डॉ आर एस भदौरिया, डॉ रवि शंकर, डॉ रमाकांत स्वर्णकार, डॉ उत्सव राज,डॉ विजयश्री शुक्ला, यूनिसेफ से आदित्य जायसवाल सहित सभी अधीक्षक, एमओआईसी, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, बीपीएम एवं बीसीपीएम उपस्थित रहे।
