केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में महिलाओं, बच्चों और किशोरों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता के लिए प्राइम मिनिस्टर न्यू हेल्थ मेडिकल रिपोर्ट (पीएमएनसीएच) की सराहना की है। इस प्रतिवेदन का मुख्य उद्देश्य है भारत में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और अन्य जनसंख्या वर्गों को सही स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए नीतियों का आधार प्रस्तुत करना है।
बता दें कि महिलाओं, नवजात और बाल स्वास्थ्य भागीदारी (पीएमएनसीएच) की 33वीं बोर्ड बैठक 4 जुलाई को जिनेवा, स्विट्जरलैंड में शुरू हुआ और 5 जुलाई को यह बैठक समाप्त हुई है। वहीं जेपी नड्डा पीएमएनसीएच बोर्ड के वाइस प्रेसीडेंट भी हैं, जो पीएमएनसीएच की बोर्ड बैठक के उद्घाटन सत्र में एक वीडियो संदेश के माध्यम से इसकी सराहना की है।
पीएमएनसीएच का उद्घाटन कब हुआ
महिलाओं, बच्चों और किशोरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध पीएमएनसीएच का उद्घाटन भारत सरकार ने 2020 में किया था, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए विस्तृत रणनीतिक निर्देश प्रदान किए गए थे। इस रिपोर्ट में महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जैसे कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल, खाद्य सुरक्षा, और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में बढ़ोत्तरी के लिए रणनीतिक निर्देश दिए गए।
जानिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री क्या बताया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नया स्वास्थ्य चिकित्सा रिपोर्ट में महिलाओं, बच्चों और किशोरों के कल्याण को खास ध्यान दिया गया है। इसके अंतर्गत, बाल रोगी और गर्भवती महिलाओं के लिए सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाएं प्राथमिकता दी गई हैं, जिससे उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल मिल सके।
इस रिपोर्ट में महत्वपूर्ण इन्स्ट्रक्शन दिए गए हैं जो सरकारी नीतियों को सुनिश्चित करते हैं कि भारत में हर किशोर, बच्चा और महिला को समर्थन प्राप्त हो। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं के पहुंच में बढ़ोत्तरी, नयी विशेषताएं और योजनाएं शामिल हैं जो समाज के सबसे कमजोर सदस्यों के लिए हैं।
इस वहज से हेल्थ मिनिस्टर ने रिपोर्ट की सराहना की
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस रिपोर्ट को इसलिए सराहा है क्योंकि इसमें महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक योजनाएं और निर्देश शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट का पालन करने से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार होगा और सभी समुदाय के लोगों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार सेवाएं मिलेंगी।
इस घोषणा के बाद, स्वास्थ्य मंत्रालय और संबंधित विभागों को अब इस रिपोर्ट के अनुसार नीतियां और योजनाएं तैयार करने की जिम्मेदारी है, ताकि इसका अमल करने से देश के सभी वर्गों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लाभ मिल सकें।
