टैल्क एक नरम, प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला खनिज है जिसका उपयोग बेबी पाउडर, मेकअप, डिओडोरेंट, सिरेमिक और पेंट में किया जाता है। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह टैल्क कैंसर के खतरा को बढ़ाने का काम करता है। दरअसल हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन की अंतर्राष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी ने एक रिपोर्ट जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि यह टैल्क महिलाओं में ओवेरियन कैंसर का कारण बन सकती है। वहीं इस टैल्क को कैंसर पैदा करने वाला पाउडर के नाम से भी जाना जाता है, जोकि मानव स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चिंता का कारण है। यह टैल्क एक प्रकार का केमिकल है, जो कई देशों के मार्केट में उपलब्ध है।
इन लोगों को खतरा अधिक
टैल्क एक प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला खनिज है जिसका खनन दुनिया के कई हिस्सों में किया जाता है। वहीं इसे टैल्कम बेबी पाउडर बनाने के लिए यूज किया जाता है। IARC यानी अंतरराष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान संस्था कें मुताबिक अधिकतर लोग बेबी पाउडर या कॉस्मेटिक्स प्रोडक्टस के रूप में टैल्क के संपर्क में आते हैं। लेकिन टैल्क के संपर्क में सबसे अधिक तब आते हैं जब लोग टैल्क का खनन करते हैं या उससे उत्पाद बनाने के लिए उसका उपयोग किया जाता है। डबल्यूएचओ के मुताबिक जिन महिलाओं में ओवेरियन कैंसर के मामले में वृद्धि हुई है, वें अपने जननांगों पर टैल्क का यूज करती थी।
टैल्क का यूज फसलों में भी किया जाता है
टैल्क, जिसे आमतौर पर रसायनिक नाम से जाना जाता है, एक संयुक्त रासायनिक पदार्थ है जो खाद्य और अन्य सामग्रियों में पाया जाता है और उनके गुणों को बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे अक्सर फसलों की वृद्धि और कीट प्रबंधन के लिए उपयोग में लाया जाता है। हालांकि, डब्ल्यूएचओ ने उसके अनेक संदेहपूर्ण प्रभावों का वर्णन किया है, जिनमें मानव स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव शामिल हैं।
इससे कैंसर बढ़ने का जोखिम अधिक
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यह टैल्क मानव शरीर में कैंसर को बढ़ाने वाले अंशों के रूप में कार्य कर सकता है। इसे अधिकतम संरक्षण के लिए रेगुलेट करने की जरूरत हो सकती है, ताकि इसका नकारात्मक प्रभाव कम हो सके। इस बात को लेकर विशेष चिंता व्यक्त की गई है कि यह टैल्क खाद्य उत्पादों में बहुमूल्य अंश के रूप में शामिल हो सकता है और इसका सेवन लंबे समय तक नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
डब्ल्यूएचओ की इस घोषणा ने बढ़ाया चिंता
डब्ल्यूएचओ की इस घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में उलझन पैदा की है, क्योंकि कई देशों में इसे फसलों की उच्चतम उपज तथा कीट प्रबंधन के लिए बढ़ावा देने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह घोषणा विशेष रूप से वहां के खाद्य सुरक्षा एजेंसियों, राष्ट्रीय स्वास्थ्य विभागों और अन्य संबंधित संस्थाओं को चुनौती देती है कि वे सम्भावित खतरों को कैसे नियंत्रित करें और मानव स्वास्थ्य को सुरक्षित रखें।
इसके अलावा, डब्ल्यूएचओ ने सुझाव दिया है कि संभवतः कैंसर पैदा करने वाले टैल्क के प्रभावों की अध्ययन को मजबूती से बढ़ाया जाए, ताकि स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच संतुलन को बनाए रखने के लिए सटीक दिशा निर्देश दिए जा सकें।
