प्राचीनकाल से ही योग को सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। यही वजह है कि आज अधिकांश लोग फिट टू फाइन रहने के लिए योग अपना रहे हैं। वहीं अब एशियाई खेलों में भी योग को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है। दरअसल हाल ही में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने एशियाई खेलों के कार्यक्रम में योग को शामिल करने की पेशकश की है। ऐसे में उन्होंने एशियाई ओलंपिक काउन्सल (ओसीए) के चेयरमेन राजा रणधीर सिंह को एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने महाद्वीप के खेल समुदाय से एशियाई खेलों के कार्यक्रम में योग को शामिल करने का आग्रह किया है।
वहीं केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया है। बता दें कि पीटी उषा ने भारतीय खेलों में योग को शामिल करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है, जो भारतीय खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकता है। उन्होंने योग के महत्व और इसके खेलों में शामिल होने के फायदे पर जानकारी दी है।
भारतीय खेलों में योग को बढ़ावा देना
पिछले दशक में, भारतीय खेलों में योग का महत्वाकांक्षी आयाम लिया गया है, जिसमें योग के अनेक आसन और टेक्नोलॉजी तकनीकों का उपयोग शामिल है। पीटी उषा एक प्रमुख भारतीय योग गुरु और एशियाई खेलों के पूर्व सम्मानित भारतीय हरित कुश्ती खिलाड़ी हैं, जिन्होंने योग के भारतीय खेलों में योग की अहमियत को बढ़ावा देने के लिए अपनी अनुभव को शेयर की है।
शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए
उन्होंने बताया कि योग का संयुक्त उपयोग खेल में शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। योग खेलों में स्थिरता, समय पर ध्यान, और शारीरिक लचीलापन प्रदान कर सकता है, जो खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार कर सकता है। साथ ही उन्होंने योग को भारतीय खेलों में एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसके व्यापक उपयोग की उदाहरण दी है। उन्होंने कहा कि विराट कोहली, रवींद्र जडेजा और अन्य कई भारतीय क्रिकेटर्स ने योग का फायदा उठाया है और इसके आसनों को अपनी रोजमर्रा की अभ्यास में शामिल किया है। यह उन्हें अधिक संतुलित और स्थिर खेल खेलने में मदद करता है।
योग को ट्रेनिंग में शामिल करना फायदेमंद
साथ ही उन्होंने बताया कि अनेक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी योग को अपनी ट्रेनिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं, जिसने उनके प्रदर्शन में सुधार लाया है। इतना ही नहीं पीटी उषा ने योग के माध्यम से खेलों में शामिल होने के लिए भारतीय खिलाड़ियों को प्रेरित किया है, खासकर वहां जहां शारीरिक और मानसिक तनाव की अधिकता होती है। योग के प्राचीन आसनों और प्राणायाम की शिक्षा से, खिलाड़ियों को अपनी शारीरिक और मानसिक सामर्थ्य को बढ़ाने का अवसर मिलता है।
हालांकि इससे पहले भारतीय खेलों में योग का प्रवेश कम हुआ था, लेकिन अब यह फिर से गति पकड़ रहा है। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली ने भी योग को अपने तैयारी का अहम हिस्सा बनाया है, जिसने उनके खेल में स्थिरता और स्थायित्व को बढ़ाया है।
योग करना फायदेमंद
पीटी उषा की माने तो योग न केवल शारीरिक रूप से लाभदायक है, बल्कि यह एक खिलाड़ी के मानसिक और आध्यात्मिक विकास में भी मदद करता है। इसलिए योग को अपनी तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानना चाहिए।
