आजकल की बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से अकसर लोगों को ब्लड प्रेशर की समस्या होती है। ऐसे में जब लोगों की बीपी कम या ज्यादा होती है तो वह अपनी बीपी का जांच कराते हैं। वहीं अगर बीपी को मापने के लिए जो सामान्य बेसलाइन है, वह 140/90 mmHg है। ऐसे में अगर किसी का बीपी लेवल इससे ऊपर होता है तो उसे हाइपरटेंशन की स्थिति मानी जाती है।
लेकिन हाल ही में यूरोपियन सोसायटी ऑफ कार्डियोलॉजी ने ब्लड प्रेशर के मापने के लिए नए बेसलाइन स्थापित किए हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य है लोगों को हेल्दी बनाए रखने में मदद करना। यह नया निर्देश दर्शाता है कि अब ब्लड प्रेशर का लेवल 130/80 mmHg से ऊपर होने पर हाई माना जाएगा, जो कि पूर्व मानकों से कम है।
अब भारत में क्या है बीपी मापने का बेसलाइन
बता दें कि कार्डियोलॉजी सोसायटी ऑफ इंडिया ने बताया कि जो लोग 60 साल से कम आयु के लोग होंगे उनके लिए यह 130/80 मिमी/एचजी होगी। वहीं जो लोग 60 साल से अधिक आयु के होंगे उन लोगों के लिए 140/90 मिमी/एचजी होगा।हालांकि अमेरिका में बेसलाइन अभी 130/80 ही है।
130/80 mmHg से ऊपर होने बीपी कंट्रोल करना जरूरी
अब तक के मानकों के अनुसार, ब्लड प्रेशर का सामान्य लेवल 140/90 mmHg से ऊपर होने पर हाइपरटेंशन (hypertension) की स्थिति मानी जाती थी। लेकिन यूरोप में ब्लड प्रेशर मापने में इस नए निर्देश को अपनाने के बाद अब यह विचार कर रही है कि 130/80 mmHg से ऊपर ब्लड प्रेशर होने पर इसे भी कंट्रोल करना बेहद जरूरी है।
बता दें कि यह नया मापदंड एक विशेष अध्ययन और साक्षात्कार के आधार पर निकला है, जिसमें यह सिद्ध हुआ कि यह लेवल भी हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं के खतरे को कम करने में मदद कर सकती है। हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं में हृदय रोग और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं शामिल हो सकती हैं।
डॉक्टरों और हेल्थकेयर प्रोवाइडरस के लिए जरूरी
इस नए मापदंड के प्रारूप के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति का रक्तचाप 130/80 mmHg से ऊपर हो, तो उसे अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने और इसे नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने की सलाह दी जाती है। इसमें सही आहार, नियमित व्यायाम, और दवाओं का सही उपयोग शामिल हो सकता है।
वहीं डॉक्टरों और हेल्थकेयर प्रोवाइडरस के लिए भी इसे एक महत्वपूर्ण मानक माना जा रहा है, जो लोगों को हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं से बचाने और स्वस्थ जीवन जीने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही यह निर्देश लोगों को स्वस्थ भोजन और नियमित व्यायाम के महत्व को भी समझाता है।
