इन दिनों कई कपल सरोगेसी के माध्यम से पेरेंट्स बनने के सपने पूरे कर रहे हैं। ऐसे में सरोगेसी के जरिए बच्चे को जन्म देने वाली मां और उन बच्चों को गोद लेने वाले माता-पिता के लिए एक अच्छी खबर है। बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने मैटरनिटी लीव के मामले में बड़े बदलाव किये हैं। दरअसल केंद्र सरकार ने सरोगेसी से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। जिसमें उन्होंने बताया है कि अब सरकारी कर्मचारी महिलाओं को सरोगेसी के जरिए बच्चा पैदा करने पर 180 दिनों तक की छुट्टी दी जाएगी। वहीं डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ट्रेनिंग ने 18 जून को इस संबंध में नोटीफिकेशन जारी किया है।
सरोगेट और गोद लेने वाली दोनों माओं को मिलेगी इतने दिन की छुट्टी
इस नियम के मुताबिक केंद्र सरकार की ऐसी कर्मचारी महिला जिसने सरोगेसी के जरिये बच्चा पैदा किया है और गोद लेनी वाली मां यानि दोनों माओं को 180 दिनों की मैटरनिटी लीव मिलेगी। हालांकि इसकी शर्त होगी कि ऐसी महिलाओं के जीवित बच्चों की संख्या दो से कम होनी चाहिए।
पिता को भी मिलेगी छुट्टी
बता दें कि सरकार ने इस नियम को प्रभावी बनाने के लिए केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 में संशोधन किया है। इस नियम के मुताबिक सरोगेसी के लिए सरोगेट करने वाली मां, जिसके दो से कम जीवित बच्चे हैं, वह भी चाइल्ड केयर लीव पाने की पात्र होगी। यही नहीं केंद्र सरकार ने सरोगेसी के लिए पैटरनिटी लीव के मामले में कुछ बदलाव किया हैं। जिसमें पिता को बच्चे के जन्म के छह महीने के भीतर 15 दिन का पैटरनिटी लीव मिलेगी।
