दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग माना जाता है जो बिना आराम किए लगातार हर समय काम करता रहता है। शरीर में ठीक ढंग से ब्लड सर्कुलेशन हो इसके लिए दिल का स्वस्थ होना सबसे जरुरी है। लेकिन आज कल के खानपान और गलत जीवनशैली की वजह से हजारों लोग दिल से जुड़ी गंभीर बिमारियों के शिकार हो रहे हैं। ऐसे में इससे जुडी बातों को जाने के लिए जालंधर नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से स्थानीय होटल में एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत धन्वन्तरी पूजा करके की गयी। वहीँ ये कार्यक्रम जालंधर नीमा के प्रेसिडेंट डॉ. सतबीर सिंह की अध्यक्षता में किया गया और इस मौके पर डॉ. सतबीर ने आये हुए सभी डॉक्टर्स का स्वागत किया। इस मौके पर शहर के जाने माने डॉ. प्रतीक कौशल, डॉ. साहिल कालिया और डॉ. अतुल शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने अपनी स्पीच में कई बातों के बारे में बताया।

कार्डियक टैम्पोनेड क्या होता है

डॉ. साहिल कालिया ने बताया कि दिल से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है कार्डियक टैम्पोनेड। हालांकि इस बीमारी के बारे में ज्यादातर लोगों को जानकारी नहीं है और इसकी वजह से भी शरीर में कार्डियक टैम्पोनेड के लक्षण दिखने पर भी लोग इसे अन्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। वहीँ उन्होंने ये भी बताया कि कार्डियक टैम्पोनेड की वजह से दिल शरीर के सभी अंगों में ठीक ढंग से खून का संचार नहीं कर पाता है और इस समस्या के कारण शरीर का वह अंग काम करना बंद कर सकता है जहां सही ढंग से खून नहीं पहुंच पाता है। इस बीमारी की वजह से मरीज की मौत भी हो जाती है। ऐसे इ इसका सही समय पर पता चलने पर पेशेंट की जान बचायी जा सकती है। साथ ही जीवनशैली  में कुछ बदलाव करके भी इससे बचा जा सकता है।

किडनी फेलियर होने के चांसेस बढ़ सकते हैं

इसके बाद डॉ. प्रतीक कौशल ने डायबिटीज से जुडी जानकारी दी और कहा कि शूगर के साथ- साथ cholesterol का भी पूरा ध्यान रखने की जरूरत है, नहीं तो किडनी फेलियर होने के चांसेस बढ़ सकते हैं जो मरीज के लिए घातक साबित हो सकता है। ऐसे में समय रहते खान पान में सुधार, एक्सरसाइज और डॉक्टर से समय समय पर जांच करवानी जरुरी है।

जितनी जल्दी उपचार उतनी जल्दी बचाव

न्यूरोसर्जन डॉ. अतुल शर्मा ने ब्रेन हेमरेज के बारे में बताया की मानसिक आघात, बीपी बढ़ना, हेड इंजरी आदि के कारणों से हैमरेज हो सकता है। वहीँ उन्होंने कहा कि समय रहते मरीज के लक्षणों की पहचान कर और समय से अस्पताल भेज कर उसकी जान बचायी जा सकती है। उन्होंने ये भी कहा कि जितनी जल्दी उपचार उतनी जल्दी बचाव।

इस मौके पर डॉ. मुनीश मेहता ने नीमा के सभी सदस्यों का धन्यवाद किया और कहा कि इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है। वहीँ इस पूरे कार्यक्रम में मंच का संचालन डॉ. वनिता गोस्वामी ने किया। कार्यक्रम के अंत में आये हुए वक्ता डॉक्टर्स को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर नीमा के स्टेट प्रेसिडेंट डॉ. परविंदर बजाज, कोषाध्यक्ष डॉ. विपुल कक्कर, डॉ. दिव्या जग्गी, डॉ. दिनेश जग्गी सहित अन्य डॉक्टर्स भी मौजूद थे।

By tnm

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