गर्मियों में पसीने की चिपचिप और इसकी वजह से होने वाली जलन और खुजली से बचने के लिए टेलकम पाउडर का खूब प्रयोग होता है। खासतौर पर गर्मियों में तन की दुर्गंध को कम करने व पसीने को रोकने वाले गुण के कारण इसकी मांग बढ़ जाती है। यह बेबी डायपर से हुए निशानों और रगड़ को कम करने के लिए भी इस्तेमाल होता है। वहीँ बच्चों को गर्मी और पसीने से बचाने के लिए अधिकतर माएं नहाने के बाद उन्हें ढेर सारा टैल्कम पाउडर लगा देती हैं। ऐसा करने से बच्चे फ्रेश फील करते हैं। लेकिन रिसर्च में  सामने आया है कि टैल्कम पाउडर जैसे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। तो इसी के बारे में जानते हैं।

कौन से टॉक्सिक पदार्थ होते हैं इसमें

टैल्क है खतरनाक

दरअसल टैल्कम पाउडर में टैल्क नाम का तत्व होता है। जो ऐसा खनिज है जिसे धरती से निकाला जाता है। यह नमी को सोखने और घर्षण को कम करता है। इसलिए कॉस्मेटिक कंपनियां इसका इस्तेमाल बेबी पाउडर, आईशैडो और अन्य चीजें बनाने में यूज़ करती हैं।

एस्बेस्टस कैंसर के खतरे को बढ़ाता है

बता दें टेलकम पाउडर में एस्बेस्टस भीहोता है, जो टैल्क के समान ही धरती से निकाला जाता है। अहिनगर ये एस्बेस्टस सांस के साथ शरीर के अंदर चला जाए, तो कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए डॉक्टर ऐसे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करने की सलाह देते हैं।

टैल्कम पाउडर में हो सकता है कार्सिनोजेनिक तत्व

बता दें वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के मुताबिक टैल्कम पाउडर में कार्सिनोजेनिक तत्व यानी कि कैंसर पैदा करने वाली चीज शामिल होती है। जिसके कुछ कण ओवेरियन कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा अगर बच्चे टैल्कम पाउडर के कण शरीर के अंदर सांस के जरिए लेते हैं, तो इससे फेफड़ों और श्वसन संबंधी कैंसर होने का खतरा हो सकता है। वहीँ एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैल्कम पाउडर और कैंसर के बीच का संबंध 100% स्पष्ट तो नहीं है, लेकिन इससे दूर रहने की सलाह दी जाती है। अगर आप बच्चों को टैल्कम पाउडर लगाते भी हैं तो डॉक्टर की सलाह पर नॉन कॉस्मेटिक पाउडर का ही यूज़ करें।

By tnm

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