आज की खराब जीवनशैली और खराब खानपान की वजह से कई लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। इस बीमारी की चपेट में केवल बड़े बुजुर्ग ही नहीं 40 से कम उम्र के युवा भी शामिल है। हालांकि मेडिकल की क्षेत्र में कई सारी दवाइयां और वैक्सीन मौजूद है जिससे लोग ठीक भी हो रहे है। हाल ही में एक स्टडी में सामने आया है कि भारत की राजधानी दिल्ली और देश के अन्य शहरों में 20% कैंसर के पेशेंट की उम्र 40 साल से कम है। ऐसे में चलिए आपको इस स्टडी के बारे में बताते हैं।

आखिर क्या है पूरी स्टडी

दरअसल यह स्टडी कैंसर मुक्त भारत फाउंडेशन ने किया है। जिसमे खुलासा किया गया है कि 20% कैंसर मरीजों की उम्र 40 से कम है। वहीं इनमे से 60% पुरुष औ 40% महिलाओं में ये बीमारी देखा गया है। हालांकि ये स्टडी 1,368 मरीजों पर आधारित था जिन्होंने 1 मार्च से 15 मई तक फाउंडेशन की कैंसर हेल्पलाइन नंबर से संपर्क किया है। स्टडी के मुतबिक हैदराबाद से सबसे अधिक कॉल 145 आए है। इसके बाद मेरठ से 96, मुंबई से 76 और नई दिल्ली से 74 कॉलस आए हैं। वहीं अमेरिकन कैंसर सोसायटी ने एक रिपोर्ट जारी कर कहा है कि यहां भी कैंसर मरीजों की संख्या बूढ़े लोगों से युवाओं में चेंज हो रहा है।

राष्ट्रीय कैंसर हेल्पलाइन नंबर लॉन्च

बता दें कि हाल ही में कैंसर मुक्त भारत अभियान के तहत एक फ्री राष्ट्रीय कैंसर हेल्पलाइन नंबर 93-555-20202 लॉन्च किया गया है। वहीं इस हेल्पलाइन पर मरीज सोमवार से शनिवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकत हैं। इतना ही नहीं मरीज इस नंबर पर कॉल करके प्रमुख ऑन्कोलॉजिस्ट से बात कर सकता है। इसके अलावा वह वीडियो कॉल के जरिए भी बात कर सकता है।

स्टडी में क्या पाया गया

ग्लोबोकैन राष्ट्रीय डेटा के मुताबिक सबसे अधिक प्रचलित कैंसर सिर और गर्दन के मामले थे जो 26% मरीजों में पाए गए। इसके बाद गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर 16%, स्तन कैंसर 15% और रक्त कैंसर 9% मामलों में पाए गए हैं। वहीं स्टडी में 27% मामलों में कैंसर का इलाज स्टेज I और II में किया गया था जबकि 63% मामलों में कैंसर का इलाज स्टेज III या IV में किया गया था।

हेल्पलाइन का यूज ज्यादातर अन्य जानकारी के लिए

स्टडी के मुताबिक ज्यादातर मरीज हेल्पलाइन नंबर पर कॉल इलाज की जानकारी लेने के लिए किये गए हैं।  दरअसल वह यह पता करना चाहते थे कि उनका इलाज सही और नवीनतम है या नहीं। ऑन्कोलॉजिस्ट के मुताबिक कैंसर इलाज में लगभग हर सप्ताह नई दवाओं को मंजूरी दी जाती है । ऐसे में मरीजों को दूसरी राय लेना भी जरूरी होता है। ऐसे में दूसरा सबसे ज्यादा सवाल मरीज अपने कैंसर के स्टेज के बारे में पूछते हैं जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि उन्हें इसके बारे में शिक्षा की जरूरत है। वहीं तीसरा मरीज अपने परिवार को इस बीमारी से बचाने और कैंसर से बचाव के लिए क्या कर सकते हैं। इससे जुड़ी बाते पूछता हैं जिससे ये अनुमान लगाया जा सकता है कि लोगों में कैंसर स्क्रीनिंग और जागरूकता का महत्व बढ़ा है।

By tnm

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