हाल ही में ब्रिटेन में एक बीमारी काफी तेजी से फैलती जा रही है। जिसे क्रिप्टोस्पोरिडिओसिस कहा जाता है। वहीँ यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (UKHSA) ने ब्रिक्सहैम में क्रिप्टोस्पोरिडिओसिस के 46 मामलों की पुष्टि कर दी है। साथ ही करीब 100 से ज्यादा लोगों में इसके लक्षण देखने को मिले हैं।
यूकेएचएसए के मुताबिक ब्रिक्सहैम के निवासियों और आगंतुकों में दस्त और उल्टी के कई मामले देखने को मिल रहे हैं। उन सभी की जांच चल रही है। इसके बढ़ते मामलों को देखते हुए जरूरी उपाए करने की जरूरत है।
आपको बता दें ईस्ट एंग्लिया यूनिवर्सिटी में मेडिसिन के प्रोफेसर पॉल हंटर ने बताया कि ये बीमारी इंसानों और मवेशियों में पाई जाती है। इसी को देखते हुए लोगों को सलाह दी गयी है कि पीने से पहले अपना पानी जरूर उबालें।
आखिर क्या है क्रिप्टोस्पोरिडिओसिस
क्रिप्टोस्पोरिडिओसिस पैरासाइट क्रिप्टोस्पोरिडियम के कारण होने वाला एक इन्फेक्शन है। इसमें ये बैक्टीरिया क्लोरीन वाले पानी में जीवित रहता है। अमेरिका और दुनिया भर के दूसरे क्षेत्रों में होने वाली बीमारियों के सबसे आम कारणों में से एक क्लोरीन पानी भी है।
WHO के मुताबिक, ये बीमारी दुनिया भर के देशों में पाई जाती है। लेकिन ये सबसे ज्यादा बच्चों को अपनी चपेट में लेती है। इसके अलावा कैंसर पेशेंट, क्रोनिक किडनी रोग, हेमोडायलिसिस और ऑर्गन ट्रांसप्लांट वाले लोगों में ये बीमारी होने का खतरा रहता है।
क्रिप्टोस्पोरिडिओसिस के कारण
पूल, हॉट टब, झीलों, नदियों या झरनों से आने वाला दूषित पानी
जिन खानों में ये पैरासाइट है उन चीजों को खाने से ये बीमारी हो सकती है
इन्फेक्टेड मल से दूषित सतहों को छूना, जैसे बाथरूम फिक्स्चर और डायपर बदलने वाली टेबल
किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ सीधा संपर्क भी आपको इसका शिकार बना सकता है
क्रिप्टोस्पोरिडिओसिस के लक्षण
इसके लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 2 से 10 दिनों के अनादर दिखने लगते हैं । लगभग दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक रह सकते हैं। वहीँ इसे सामान्य लक्षणों में शामिल हैं
दस्त, ढीला या पानी जैसा मल आना
बार उल्टी होन
वजन का कम होना
पेट में ऐंठन होना
बुखार आना
बचाव के लिए क्या करें
स्वच्छता को अपनाएं
शौचालय का उपयोग करने, डायपर बदलने और खाने या खाना बनाने से पहले हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धो लें खाने से पहले सभी कच्चे फलों और सब्जियों को धोकर ही खाएं
झीलों, नदियों, झरनों, तालाबों या झरनों का अनुपचारित पानी पीने से बचें।
हाई टेम्परेचर पर कपड़े और बिस्तर धोएं, तौलिये शेयर करने से बचें, और बाथरूम की चीजों को कीटाणुरहित करें
