पुराने युग की बात करें तो मरने के बाद अमर हो जाते थे। लेकिन कलयुग में ऐसा होना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है। लेकिन आपको बता दें एक शख्स मरने के बाद अमर हो गया है। शायद आपको मेरी बात जानकार हैरानी हुई होगी। लेकिन ये सच है। दरअसल हाल ही में गुजरात के अहमदाबाद स्थित सिविल हॉस्पिटल में ब्रेन डेड 56 वर्षीय अमरत भाई मकवाना की मौत के बाद उनका अंगदान किया गया। परिवार की सहमति के बाद उनके बोसी पार्ट्स में से दो किडनी, लिवर और स्किन का दान किया गया। इस अंगदान के साथ ब्रेन डेड अमरत भाई मकवाना ने चार लोगों को नया जीवन दिया है।
भाइयों का था अंगदान का फैसला
बता दें अमरत भाई मकवाना को शरीर के बाएं हिस्से में लकवा मार गया था जिसके चलते उन्हें 13 मई को प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट किया गया थ। इलाज के दौरान स्थिति बिगड़ने पर उन्हें आगे के इलाज के लिए 15 मई को सिविल हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया था। वहीँ डॉक्टरों ने इलाज के बाद उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद ब्रेन डेड अमरत भाई मकवाना के परिवार को अंगदान के बारे में समझाया गया, तो उनके भाइयों ने मिलकर उनके अंगदान के बारे में सोचा और आखिरकर उनकी दोनों किडनी, लिवर और स्किन का दान किया गया।
वहीँ उनकी किडनी को लीवर सिविल मेडीसिटी कैंपस की किडनी हॉस्पिटल में एडमिट जरूरतमंद मरीज में ट्रांसप्लांट किया गया। इसके अलावा दान में प्राप्त हुई स्किन का प्लास्टिक सर्जरी विभाग के तहत स्किन बैंक के माध्यम से जरूरतमंद मरीज में लगाया गया। इस तरह कुल चार लोगों की जिंदगी ब्रेन डेड अमरत भाई की वजह से आज रोशन है।
