योग गुरु रामदेव और उनकी पतंजलि कंपनी पिछले कुछ दिनों से लगातार मुसीबत में है। भ्रामक विज्ञापनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा पतंजलि को लगातार लताड़ा जा रहा है। इसी बीच अब पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड की प्रोडक्ट सोनपापड़ी फूड टेस्ट में फेल गई है। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पिथौरागढ़ संजय सिंह की अदालत ने शनिवार को पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के असिस्टेंट जनरल मैनेजर अभिषेक कुमार, कान्हा जी डिस्ट्रीब्यूटर प्राइवेट लिमिटेड रामनगर की असिस्टेंट मैनेजर अजय जोशी और दुकानदार लीलाधर पाठक को 6 महीने के कारावास और अर्थ दंड की सजा सुनाई गयी है।
क्या है पूरा मामला
आपको बता दें 7 सितंबर 2019 को पिथौरागढ़ के जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बेरीनाग बाजार स्थित लीलाधर पाठक की दुकान से पतंजलि नवरत्न इलायची सोन पापड़ी के सैंपल लिए थे। सैंपल को जांच के लिए रुद्रपुर स्थित जांच लैब भेजा गया था। जांच में सोन पापड़ी के सैंपल मानको पर कहरे नहीं उतरे और फेल हो गए हैं।
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने व्यवसायी लीलाधर पाठक, वितरक अजय जोशी और पतंजलि के असिस्टेंट मैनेजर अभिषेक कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चूका है। ऐसे में कोर्ट ने अपना फैसला खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के तहत सुनाया है। लीलाधर पाठक पर 5 हजार, अजय जोशी पर 10 हजार और अभिषेक कुमार पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा है। बता दें कि हाल ही में पतंजलि आयुर्वेद और दिव्य फार्मेसी के 14 प्रॉडक्ट्स के लाइसेंस पर बैन लगा था। हालांकि, बाद में इसे हटा दिया गयाऐसे में उन्हें सजा भी सुनाई गयी है।
जिसमे कोर्ट ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 की धारा 59 के तहत तीनों आरोपियों को 6 महीने की कैद और दुकानदार लीलाधर पाठक को 5 हजार रुपए, कान्हा जी डिस्ट्रीब्यूटर प्राइवेट लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर अजय जोशी को 10 हजार रुपए और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड यूनिट तृतीय पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क लक्सर की असिस्टेंट जनरल मैनेजर अभिषेक कुमार को 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। उन्हें ऐसा न करने पर उन्हें क्रमश: 7 दिन से लेकर 6 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
