आये दिन हेल्थ को लेकर नयी नयी ख़बरें सामने आती रहती हैं। लेकिन आपको बता दें अब एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमे एक बच्चे ने पानी को बोतल समझ कर तेजाब पी लिया। दरअसल हाल ही इंदौर के बाणगंगा में 6 साल के मासूम ने पानी समझकर तेजाब पी लिया। जब उसका इलाज किया गया तो उसकी मौत इलाज के दौरान ही हो गयी। वहीँ इस घटना से परिजनों बहुत ज्यादा दुखी हैं। ऐसे में इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गयी। पुलिस ने मासूम की मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यहाँ आपको ये भी बता दें कि बच्चे का इलाज अस्पताल में करीब 8 दिनों तक चला जिसके बाद उसकी जान चली गयी। उसके माबाप ने बताया कि जिस बोतल से बच्चे ने पानी समझकर तेजाब पिया था उसे परिजनों ने फेरी वाले से घटना वाले दिन ही खरीदा था। अब ऐसे में ये सवाल उठता है कि आखिर तेजाब में ऐसा क्या होता है जिसके पीने से मौत तक हो सकती है। आईये आपको बताते हैं।
आखिर तेजाब में ऐसा क्या है
तेजाब एक तरह का केमिकल होता है जिसे बाथरूम या फिर कोई अन्य जंग लगी चीजों को साफ़ करने के लिए यूज़ किया जाता है। दरअसल ये सल्फ्यूरिक एसिड में सल्फ्यूरिक एनहाइड्राइड (S03) का एक घोल है। वहीँ तेजाब को तीन तरीकों से तैयार किया जाता है। पहला-शोरे से बना हुआ, दूसरा-गंधक से बना हुआ और तीसरा-नमक से बना हुआ। नमक से बने तेजाब को आम घरेलू इस्तेमाल में टॉयलेट शीट या फर्श आदि साफ करने के प्रयोग में लाया जाता है। गंधक और शोरे का तेजाब ज्यादा प्रभाव वाला होता है। अहिं अगर इसे पी लिया जाये तो ये पेट में प्रवेश होने पर फेफड़ों व लीवर को नुकसान पहुंचाने से जीवन को खतरे में डाल देता है। ऐसे में इससे बच्चों को दूर रखने की जरूरत है।
तेजाब पीने के बाद क्या करना चाहिए
अगर किसी ने जाने अनजाने में तेजाब पी लिया है तो उस समय दूध ही सफलतम प्राथमिक चिकित्सा है। ऐसे में मरीज को दूध पिला देना सही होता है। वहीँ उसके बाद तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएँ। ताकि वो समय रहते मरीज को सही इलाज दे पायें और मरीज की जान बच पाए।
तेजाब पीने से क्या शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं
लो ब्लड प्रेशर होना
सांस लेने में तकलीफ
सिरदर्द होना
खांसी आना
चाकर महसूस होना
मसल्स में तकलीफ होना
