कैसा लगेगा अगर आप अपने पिता का इलाज कराने के लिए किसी अस्पताल में गए हो और वहां आपकी मदद के लिए न कोई वार्ड बॉय है और न ही कोई स्ट्रेचर मिलता है। बता दें कि हाल ही में कानपुर में हैलट अस्पताल की कुछ ऐसा ही वीडियो काफी वायरल हो रहा है। जिसमे एक शख्स अपने हाथ-पैर से लाचार बुजुर्ग को गोद में ही लेकर अस्पातल के चक्कर लगाता दिख रहा है। लेकिन बुजुर्ग को न किसी वार्ड ब्वॉय ने हाथ लगाया और न ही उसे स्ट्रेचर कोई मिला। हैरत की बात तो यह हैं कि यह घटना तब की है जब जीएसवीएम कॉलेज में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा खुद वहीं मौजूद थे। इसके बावजूद कोई भी उस युवक की मदद के लिए आगे नहीं आया। तो आइए इस पूरे मामले के बारे में विस्तार से जानते हैं।
जानें क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शुक्लागंज के रहने वाले अरविंद अपने 70 वर्षीय पिता श्याम सुंदर की तबीयत खराब होने की वजह से उनका इलाज स्थानीय अस्पताल में कराया था। लेकिन उसके पिता को कोई आराम नहीं मिला, वहीं कुछ से दिनों में उसके पिता का खाना पीना भी छूट गया और वो चल फिर नहीं पा रहे थे। जिसके बाद वह अपने पिता के इलाज के लिए हैलट अस्पताल आया, जब वो अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर ने उन्हें देखने के बाद एचआईवी जांच कराने को बोला जो मेडिकल कॉलेज परिसर में होती है, लेकिन जब उन्हें स्ट्रेचर नहीं मिला तो वो युवक अपने पिता को गोद में लेकर ही चल दिया।
इस मामले को लेकर मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल ने क्या कहा
इस मामले पर मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रिंसिपल ने बताया कि जब दोपहर में प्रमुख सचिव के साथ हम लोग राउंड पर थे उस वक्त एक व्यक्ति गोद में अपने पिता को लेकर आया था। वहीं ये ब्लॉक हॉस्पिटल के दूसरी तरफ सड़क पार है। यहां व्हील चेयर या स्ट्रेचर की व्यवस्था नहीं होती हैं। वहीं इस वीडियो को ऐसे दिखाया जा रहा है जैसे ये हमारे हॉस्पिटल का हिस्सा है जो की बिल्कुल गलत है।
