इन दिनों मार्केट में बहुत सारे ब्रांडेड और जेनेरिक दवाएं उपलब्ध है। लेकिन क्या आपको मालूम है कि ब्रांडेड और जेनेरिक दवाएं क्या होती है। दरअसल ऐसे कई लोग हैं जिन्हें अभी भी ब्रांडेड और जेनेरिक दवाएं के बारे में कुछ भी पता नहीं होता है। हालांकि ब्रांडेड दवा और जेनेरिक दवा में कई मामलों में एक ही सॉल्ट यानी एक ही केमिकल से बनती है। इसके बावजूद सबसे ज्यादा ब्रांडेड दवाओं को ही डॉक्टर महत्व देते हैं। ऐसे में आज हम आपको इन दोनों दवाओं की पूरी जानकारी देने वाले हैं। तो आइए जानते हैं कि जेनेरिक दवाएं डॉक्टर क्यों नहीं लिखते हैं और क्या ये दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तरह ही फायदा करती हैं।
क्य है ब्रांडेड दवाएं
बता दें कि दोनों अधिकतर दवाइयां एक ही केमिकल से बनती है। उसके बाद इनको फिर गोली या कैप्सूल के रूप में तैयार किया जाता है। इन तैयार हुई दवा को बाजार में अलग-अलग कंपनी मतलब की ब्रांड के नाम से बेचा जाता है। वहीं जब किसी दवा के साथ किसी कंपनी या ब्रांड का नाम जुड़ जाता है तो वह ब्रांडेड दवा बन जाती है।
क्या होती है जेनेरिक दवाएं
जो दवाएं बिना ब्रांड या किसी हल्के ब्रांड के साथ बेची जाती हैं उनको जेनेरिक कहते हैं। हालांकि इनके सॉल्ट यानी इन दवाओं में मौजूद चीजें ब्रांडेड दवाओं की तरह ही होती हैं। अमेरिका के एफडीए के मुताबिक जेनेरिक दवाओं की कीमत ब्रांडेड कंपनियों की दवाओं की तुलना में 80-85% कम हो सकती है। लेकिन अभी भी कई लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है।
कैसे इन दोनों दवाओं की पहचान करें
अगर आपको इन दोनों दवाओं की पहचान करना है तो आप दवाओं के सॉल्ट चेक कर सकते हैं। दवा बनाने वाली कंपनी के नाम के साथ में ही सॉल्ट भी लिखा होता है। दरअसल दवा के पैकेट पर सॉल्ट के नाम को प्रमुखता से छापा जाता है। वहीं आप इसे पढ़कर उसी सॉल्ट की जेनेरिक दवा भी ला सकते हैं।
जानें ब्रांडेड दवा क्यों होती है महंगी
अगर पैरासिटामोल सॉल्ट को कोई दवा कंपनी बाजार में इसी नाम से बाजार में बेचती है तो ये जेनेरिक दवा कहलाएगी लेकिन कोई ब्रांडेड दवा कंपनी इस सॉल्ट को अपने ब्रांड के नाम के साथ बाजार में बेचती है तो ये ब्रांडेड दवा है। वहीं ब्रांड दवा इसलिए महंगी बेची जाती है क्योंकि दवा कंपनी अपने ब्रांड के लिए प्रमोशन और विज्ञापन करती है। जिसमें काफी पैसा खर्च होता है। यही वजह है कि ब्रांडेड दवा महंगी होती हैं।
ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले जेनेरिक दवाएं कितना फायदेमंद
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्रांडेड दवा जेनेरिक दवाओं की तुलना में अधिक फायदा करती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनका मानना है कि जेनेरिक दवाएं मरीजों के लक्षणों को ठीक करने के लिए प्रभावी नहीं हैं। लेकी आपको बता दें कि इस मामले को लेकर अभी स्टडी की जरूरत है।
