भारत देश में बहरेपन की समस्या सबसे ज्यादा है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO की 2023 की रिपोर्ट बताती है कि देश में 6 करोड़ 30 लाख लोग बहरेपन की समस्या से जूझ रहे हैं। डबल्यूएचओ का अनुमान है कि ये आंकड़ा आगे और भी ज्यादा बढ़ सकती है।  लेकिन हाल ही में इसे लेकर एक अच्छी खबर सामने आ रही है कि जीन थेरेपी की मदद से इससे निजात पाया जा सकता है।

बता दें कि देश की उम्मीद इस थेरेपी को लेकर  इसलिए बढ़ी क्योंकि हाल ही में ब्रिटेन की 18 महीने की बच्ची की 16 मिनट में जीन थेरेपी के जरिए उसका बहरापन हमेशा-हमेशा के लिए दूर हो गया है। ऐसे में आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और जीन थेरेपी किस तरह से बहरेपन को दूर करता है।

18 महीने की बच्ची ने रचा इतिहास

ब्रिटेन की 18 महीने की बच्ची ओपाल सैंडी ने इतिहास रच दिया है। दरअसल बच्ची को न्यूरोपैथी की समस्या थी जिस वजह से उसे कुछ सुनाई नहीं देता है। लेकिन जीन थेरेपी के जरिए बच्ची का बहरापन हमेशा-हमेशा के लिए दूर हो गया है। वहीं यह बच्ची दुनिया की पहली बच्ची है जो इस थेरेपी की वजह से एक बार सुन सकती है। ब्रिटेन के डॉक्टरों ने कहा कि इस ऐतिहासिक सफलता से बहरेपन का इलाज अब आसानी से हो जाएगा। ये थेरेपी एक मील का पत्थर साबित हुआ है।

बच्ची इस समस्या से थी पीड़ित

18 महीने की छोटी सी बच्ची को न्यूरोपैथी समस्या थी जिसकी वजह से वो बचपन से ही सुन नहीं सकती थी। बता दें कि यह समस्या तब होती है जब दिमाग तक जाने वाली कान की भीतरी हिस्से की नस काम नहीं करती है। वहीं ओपाल की मां सैंडी ने बताया कि इस सर्जरी में महज 16 मिनट ही लगे। जिसके बाद उन्होंने महसूस किया की उनकी बच्ची सुन सकती हैं।

भारतीय मूल के डॉक्टर ने किया ये सर्जरी

बता दें कि बच्चे का इलाज एक भारतीय मूल के ईयर सर्जन प्रोफेसर मनोहर बैंस ने की हैं। वहीं सफल ट्रायल कैंब्रिज यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट ने किया। इस थेरेपी के बाद बच्चों की 5 साल तक मॉनिटरिंग की जाएगी। हालांकि इससे पहले भी इस ट्रायल में ब्रिटेन, स्पेन और अमेरिका के कुछ बच्चों का जीन थेरेपी के जरिए कान का इलाज किया गया था।

जीन थेरेपी किस तरह से करती है काम

जीन थेरेपी में सर्जरी के दौरान मरीज के कान में एक वायरस डाला जाता हैं। यह वायरस ओटोफेरलिन जीन की नकल को कान के अंदर मौजूद द्रव्य में पहुंचाता है। इससे कोशिकाएं ओटोफेरलिन प्रोटीन बनाने लगती हैं जिससे कान की क्रिया ठीक हो जाती है।

By tnm

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