हाल ही में राजस्थान के जोधपुर की सहायक कलेक्टर (एसडीएम) प्रियंका बिश्नोई की मौत ने चिकित्सा जगत को झकझोर कर रख दिया है। अहमदाबाद के सिम्स हॉस्पिटल में 15 दिन तक इलाज के बाद, 7 सितंबर को उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। प्रियंका की मौत का कारण एक असफल सर्जरी (Botched Surgery) बताया जा रहा है, जो जोधपुर के एक निजी अस्पताल में की गई थी। यह सर्जरी उनकी बच्चेदानी (यूटरस) का ऑपरेशन था, जो लगभग 20 दिन पहले हुई थी। सर्जरी के बाद उनकी तबियत बिगड़ती चली गई, और अंततः अहमदाबाद में उन्हें भर्ती कराया गया, जहां वे जीवन की जंग हार गईं।
बॉटच्ड सर्जरी का क्या मतलब है
बॉटच्ड सर्जरी (Botched Surgery) का मतलब है, वह सर्जरी जो खराब योजना, गलत तकनीक या लापरवाही के कारण असफल हो जाती है। इसमें सर्जन या मेडिकल टीम द्वारा सही ध्यान न दिए जाने से गंभीर परिणाम होते हैं। बॉटच्ड सर्जरी का तात्पर्य होता है, जब सर्जरी के बाद मरीज की हालत बेहतर होने के बजाय और बिगड़ती चली जाती है।
सर्जरी के दौरान कोई भी गलती, जैसे कि गलत उपकरणों का उपयोग, गलत प्रक्रिया का पालन या मेडिकल टीम के बीच सही समन्वय का न होना, इस तरह की असफल सर्जरी का कारण बन सकता है। इस शब्द का सबसे ज्यादा इस्तेमाल प्लास्टिक सर्जरी में होता है, लेकिन किसी भी अन्य प्रकार की सर्जरी में भी इसे लागू किया जा सकता है।
घटना का विवरण
प्रियंका बिश्नोई का ऑपरेशन जोधपुर के एक निजी अस्पताल में किया गया था, जिसके बाद उनकी तबियत बिगड़ती चली गई। जब स्थिति ज्यादा खराब हो गई, तो परिवार ने उन्हें 7 सितंबर को अहमदाबाद के सिम्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां उनका 15 दिनों तक इलाज चला, लेकिन वे 21 सितंबर को अपनी आखिरी सांस ली। इस घटना ने न केवल उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में लापरवाही के मामलों को फिर से चर्चा का विषय बना दिया है।
कौन थीं प्रियंका बिश्नोई

प्रियंका बिश्नोई जोधपुर की सहायक कलेक्टर के पद पर तैनात थीं। वे 2016 बैच की राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की अधिकारी थीं और बीकानेर जिले के नोखा गांव की रहने वाली थीं। प्रियंका का प्रशासनिक करियर बेहद सफल था, और हाल ही में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने उन्हें उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित भी किया था।
बॉटच्ड सर्जरी से बचने के तरीके
सर्जरी हमेशा एक जटिल प्रक्रिया होती है और इसमें सावधानीपूर्वक निर्णय लेने की आवश्यकता होती है। बॉटच्ड सर्जरी के जोखिम से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:
विश्वसनीय अस्पताल चुनें
सर्जरी के लिए किसी प्रतिष्ठित और अनुभवी अस्पताल का चयन करना जरूरी है। अस्पताल के पिछले रिकॉर्ड को ध्यान में रखें।
डॉक्टर से चर्चा करें
सर्जरी से पहले डॉक्टर से पूरी प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट रूप से समझें और उनकी विशेषज्ञता पर भरोसा करें।
समय पर इलाज लें
किसी भी बीमारी के लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें और समय पर डॉक्टर से परामर्श लें। सही समय पर इलाज से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
दूसरी राय लें
अगर आपको किसी सर्जरी की सलाह दी गई है, तो एक और विशेषज्ञ से राय अवश्य लें, ताकि आपको बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सके।
प्रियंका बिश्नोई का असमय निधन बॉटच्ड सर्जरी के खतरों की याद दिलाता है और चिकित्सा क्षेत्र में सही और सावधानीपूर्वक निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर देता है।
