आजकल पुरुषों में बाल झड़ने और गंजेपन की समस्या तेजी से बढ़ रही है, खासकर युवाओं में। पहले जहां यह समस्या अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती थी, वहीं अब 20 साल से कम उम्र के युवा भी गंजेपन का शिकार हो रहे हैं। पुरुषों में इस प्रकार के गंजेपन को मेंस पैटर्न बाल्डनेस के नाम से जाना जाता है। यह पुरुषों में बालों के पतले होने और धीरे-धीरे गंजेपन का सबसे सामान्य कारण है। इस समस्या पर कई लोग ध्यान नहीं देते, लेकिन यह एक गंभीर लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारी बनती जा रही है।
हाल ही में भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर एल्विश यादव का हेयर ट्रांसप्लांट करने वाली डॉ. अरीका बंसल ने एक पॉडकास्ट में इस समस्या के कारणों पर विस्तार से चर्चा की। आइए जानते हैं कि आखिर कम उम्र में पुरुषों में गंजेपन की समस्या क्यों बढ़ रही है।
मेंस पैटर्न बाल्डनेस क्या है

मेंस पैटर्न बाल्डनेस एक प्रकार का गंजापन है जो पुरुषों में खासकर सिर के बीचों-बीच शुरू होता है। धीरे-धीरे सिर का मध्य भाग खाली हो जाता है, जिससे पुरुषों की उम्र अधिक दिखाई देने लगती है। यह समस्या बालों के धीरे-धीरे पतले होने और फिर गंजेपन की ओर बढ़ने की प्रक्रिया का हिस्सा है। जिन पुरुषों में यह समस्या होती है, उनमें बालों की जड़ों की कमजोरी देखने को मिलती है, और यह समस्या लाइफस्टाइल और अन्य कारणों से और भी बढ़ सकती है।
कम उम्र में गंजेपन की मुख्य वजह
डॉ. अरीका बंसल के अनुसार पुरुषों में गंजेपन की सबसे बड़ी वजह जेनेटिक्स होती है। लगभग 80 प्रतिशत मामलों में यह देखा गया है कि अगर परिवार में पहले से कोई पुरुष गंजापन का शिकार हो चुका है, तो उसकी अगली पीढ़ी में भी यह समस्या हो सकती है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी पुरुष के पिता या दादा को गंजेपन की समस्या रही हो, तो उनके बेटे या पोते में भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है।
इसके अलावा 20 प्रतिशत मामलों में जेनेटिक बदलाव और अन्य कारणों से भी पुरुष गंजेपन का शिकार होते हैं। इनमें हार्मोनल असंतुलन, तनाव, खराब जीवनशैली, और प्रदूषण जैसे फैक्टर शामिल हैं, जो बालों की जड़ों को कमजोर बनाते हैं और गंजापन का कारण बनते हैं।
महिलाओं में हेयरफॉल की समस्या

जहां पुरुषों में गंजेपन की समस्या जेनेटिक्स से जुड़ी होती है, वहीं महिलाओं में बाल झड़ने की समस्या का मुख्य कारण पोषण की कमी होती है। जिन महिलाओं की डाइट में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है, जैसे मैक्रो न्यूट्रिएंट्स (प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट), आयरन, जिंक और विटामिन्स, वे बालों के झड़ने की समस्या से जूझती हैं। इसके अलावा महिलाओं में हार्मोनल बदलाव और तनाव भी बाल झड़ने का कारण बन सकते हैं।
समस्या का समाधान
गंजापन या बाल झड़ने की समस्या का समाधान संभव है। आजकल हेयर ट्रांसप्लांट जैसी तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जो बालों को वापस उगाने में मदद करती हैं। इसके अलावा सही डाइट, बालों की देखभाल, और तनाव से बचने जैसी आदतें भी इस समस्या से निपटने में मददगार साबित हो सकती हैं।
