गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इन बदलावों के कारण उन्हें कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। गर्भावस्था के दौरान पैरों में सूजन, पेट के निचले हिस्से में खुजली, जलन और पाचन संबंधी समस्याएं होना आम बात है लेकिन कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान मसूड़ों से खून आने की समस्या भी होती है। मसूड़ों में खून आने के साथ-साथ दर्द और सूजन भी हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान महिलाएं मसूड़ों की सूजन और खून आने की समस्या को देखकर घबरा जाती हैं और समझ नहीं पाती कि ऐसी स्थिति में उन्हें क्या करना चाहिए। लेकिन क्या गर्भावस्था के दौरान मसूड़ों से खून आना सामान्य बात है? आइए जानते हैं आज इसके बारे में।
गर्भावस्था में गम ब्लीडिंग होना सामान्य
एक्सपर्ट्स के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान गम ब्लीडिंग यानी कि मसूड़ों से खून आना एक सामान्य प्रक्रिया होती। इसे मेडिकल भाषा में प्रेगनेंसी जिंजिवाइटिस कहा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान मसूड़ों से खून आने की समस्या हार्मोनल बदलावों के कारण होती है। गर्भावस्था में यह समस्या 1-2 दिन महसूस हो तो इसमें घबराने वाली बात नहीं है लेकिन गर्भावस्था के दौरान मसूड़ों से खून आने की समस्या 3 दिन से ज्यादा रहती है तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

ऐसे करें बचाव
गर्भावस्था के दौरान यदि आपको बार-बार मसूड़ों से खून आने की समस्या हो रही है तो आप इससे बचने के लिए नीचे बताए गए तरीकों को अपना सकते हैं।
दिन में 2 बार करें ब्रश
प्रेग्नेंसी के दौरान मसूड़ों से खून आने और सूजन की समस्या न हो इसके लिए रोजाना दिन में 2 बार ब्रश करें। रात को सोने से पहले ब्रश करें ताकि दिनभर खाने द्वारा दांतों और मसूड़ों पर जमी गंदगी साफ हो सके। ब्रश के अलावा मसूड़ों को स्वस्थ्य रखने के लिए मिंट माउथवॉश का इस्तेमाल करें।

कैल्शियम और विटामिन-सी फूड्स
गर्भावस्था में मसूड़ों की समस्या से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और विटामिन सी युक्त आहार लें।
शरीर को रखें हाइड्रेट
इस दौरान मसूड़ों को स्वस्थ रखने के लिए शरीर को हाइड्रेट रखें। दिन में कम से कम 8 गिलास पानी जरूर पिएं। बार-बार पानी पीने से मसूड़े ड्राई होने से बचेंगे और इसके कारण मसूड़ों से खून आने की समस्या से भी बचा जा सकता है।
