हाल ही में रूस में घटती जनसंख्या और जन्म दर को बढ़ाने के उद्देश्य से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक नई योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत 24 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को उनके पहले बच्चे के जन्म पर 1.02 लाख रूबल (लगभग 9.40 लाख रुपये) की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। रूस इस समय गंभीर जनसंख्या संकट का सामना कर रहा है, क्योंकि वहां की जन्म दर प्रति महिला 1.5 बच्चों पर आ गई है। जनसंख्या को स्थिर रखने के लिए 2.1 बच्चों प्रति महिला की आवश्यकता होती है।
इस योजना का उद्देश्य क्या है
यह योजना सरकार की उस व्यापक नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश की गिरती जन्म दर को रोकना और नई पीढ़ी को बढ़ावा देना है। रूस में 2024 के पहले छह महीनों में जन्म दर पिछले 25 वर्षों में सबसे कम दर्ज की गई है। जून 2024 में यह आंकड़ा एक लाख से नीचे चला गया। इस अवधि में केवल 599,600 बच्चों का जन्म हुआ, जो कि 2023 के मुकाबले 16,000 कम है। वहीं इसी अवधि में 49,000 अधिक लोगों की मृत्यु हुई, जिससे जनसंख्या में और कमी आई।
युवाओं से की अपील
रूस के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. येवगेनी शेस्तोपालोव ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है और युवाओं से अपील की है कि वे देश की जन्म दर बढ़ाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए शारीरिक संबंध बनाकर परिवार बढ़ाने के बारे में सोचना चाहिए। डॉ. शेस्तोपालोव का कहना है कि देश की जनसंख्या संरचना को संतुलित बनाए रखने के लिए यह एक आवश्यक कदम है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे नौकरी या बिजनेस के ब्रेक के समय अपने पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध बनाने और परिवार की योजना बनाने पर विचार करें।
इस नई योजना के तहत युवाओं को मिलेगी आर्थिक मदद
सरकार इस नई योजना के तहत युवाओं को आर्थिक रूप से भी सहायता करेगी ताकि वे अधिक से अधिक बच्चों का पालन-पोषण कर सकें। इसे राष्ट्रीय महत्व का मामला मानते हुए सरकार ने सभी से सहयोग की अपील की है। इसके अलावा सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस योजना के तहत वित्तीय प्रोत्साहन देने का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं है, बल्कि इसके साथ जनसंख्या वृद्धि को एक दीर्घकालिक समाधान के रूप में देखना भी है।
रूस सरकार की इस योजना को एक साहसिक कदम माना जा रहा है, जिसका लक्ष्य देश की जन्म दर को बढ़ाकर जनसंख्या के संतुलन को बनाए रखना है। यदि यह पहल सफल होती है, तो इसके सकारात्मक परिणाम आने वाले वर्षों में देखने को मिल सकते हैं।
