आयुर्वेद हजारों सालों से हमारे देश में प्रचलित है। इसके बार में हमारे शास्त्रों में भी बताया गया है। आयुर्वेदिक आहार चिकित्सा के सिद्धांतों पर आधारित एक आहार होता है, जो हमारे शरीर की उर्जा को बना कर रखता है। आजकल हम ऐसा आहार खा रहे हैं जो बिल्कुल आयुर्वेदिक आहार के विपरीत है और हमारे शरीर के लिए ठीक नहीं है, जिससे बहुत सी बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए बीमारियों से बचने के लिए हमें आयुर्वेदिक आहार को अपनाना चाहिए।

क्या है आयुर्वेदिक आहार?

आयुर्वेद मानती है कि ब्रह्माण्ड पांच तत्वों से बना है। हवा, पानी, आकाश, आग और धरती। आयुर्वेद कहती है कि इन चीजों से तीन अलग अलग दोष बनते हैं। हर एक दोष शरीर में कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है। वात दोष इलेक्ट्रोलाइट संतुलन और गति का ख्याल रखता है, पित्त दोष से भूख, प्यास और शरीर का तापमान ठीक रहता है और कफ दोष पूरा काम को बढ़ावा देता है।

आयुर्वेदिक आहार के लाभ

आयुर्वेदिक आहार में अलग-अलग दोष के लिए अलग हिदायतें हैं। अगर फिर भी बात करें तो फलों, सब्जियों, अनाजों और फलियों इन जैसे संपूर्ण खाद्य पदार्थों को खाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसके बहुत से फायदे होते हैं, क्योंकि ये बहुत सारे पोषक तत्वों से भरे होते हैं।

एक जानकारी के अनुसार पता चला है कि आहार में प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को ज्यादा खाने से दिल के रोग, कैंसर और मौत होने का खतरा हो सकता है, इसलिए इन्हें न्यूनतम रखा गया है। इनमें अक्सर फाइबर और महत्वपूर्ण विटामिन और खनिजों की कमी होती है। यह वजन कम करने में भी लाभदायक है, लेकिन उच्च गुणवत्ता वाले अध्ययन की अभी आवश्यकता है। इससे सचेतनता बढ़ती है। आपको बता दें कि एक छोटे से अध्ययन के अनुसार, सचेत भोजन करने से शरीर का वजन, अवसाद, तनाव और ज्यादा भोजन करने की आदत में कमी आई है।

नुकसान

इसमें बहुत से लाभ है, लेकिन फिर भी इसमें कुछ कमियां हैं। इसका पालन करना बहुत कठिन हो सकता है। हर एक दोष के पालन करने के लिए बहुत से नियम हैं। इसका मतलब क्या खाना चाहिए और क्यां नहीं, क्योंकि इससे संबंधित सिफारिशें पूरे वर्ष मौसम के आधार पर बदलती रहती हैं। कितनी मात्रा में खाना चाहिए, इसका भी ध्यान रखना पड़ता है। लंबे समय तक इस पर टिकना मुश्किल है।

By tnm

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