शरीर को सेहतमंद और फिट रखने के लिए पानी की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है। शरीर में लगभग 60% पानी होता है। समय-समय पर बॉडी को हाइड्रेट रखने के लिए लोग पानी पीते रहते हैं। पुराने समय की अगर बात करें तो लोग पानी पीने के लिए अलग-अलग धातु का इस्तेमाल करते थे। विज्ञान और तकनीक के कारण आजकल तरह-तरह के केमिकल पदार्थ के इस्तेमाल से बर्तन बनाई जाती है। आजकल घरों में प्लास्टिक, कांच और चीनी-मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल किया जाता है, जिस बर्तन या गिलास का पानी पीते हैं वह सेहत के लिए अच्छा है या नहीं आज आपको इस बारे में बताएंगे। आइए जानते हैं।

कांच के गिलास या बोतल में पानी पीने के फायदे

भारत में पुराने समय से ही खानपान और पानी पीने के लिए कई तरह के बर्तन इस्तेमाल होते हैं। मिट्टी या चीनी मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल शुरू किया जाता है। आजकल पूरी दुनिया में पानी स्टोर करने के लिए प्लास्टिक के बोतल का इस्तेमाल किया जाता है। एक्सपर्ट के अनुसार, प्लास्टिक और दूसरे बर्तनों की तुलना में कांच और गिलास के बोतल में पानी पीना काफी ज्यादा फायदेमंद होता है।

प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने के नुकसान

खराब लाइफस्टाइल के कारण हम अपनी डेली रुटीन की जिंदगी में प्लास्टिक का खूब इस्तेमाल करते होता है। घर हो या ऑफिस प्लास्टिक बंद बोतल में पानी पीना हम खूब पसंद करते हैं। यदि आप भी ऐसा कर रहे हैं तो संभल जाएं क्योंकि आपके शरीर में धीमा जहर पहुंच रहा है।

प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज नाम के संस्थान ने एक स्टडी में डराने वाला खुलासा किया है, इसमें उन्होंने बताया कि एक लीटर बोतल बंद पानी में करीब 2.40 लाख प्लास्टिक के महीन टुकड़े मौजूद होते हैं, जिसके कारण सेहत को गंभीर और जानलेवा खतरे हो सकते हैं। प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज नाम की ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, प्लास्टिक के बोतल में पानी पीने के कारण कई गंभीर जानलेवा बीमारी हो सकती है।

ये है रिसर्च

हाल ही में कुछ रिसर्च के मुताबिक बोतल में मौजूद बोतल बंद पानी में 100,000 से ज्यादा नैनोप्लास्टिक मिले हैं। यह इतने छोटे कण होते हैं कि ब्लड सर्कुलेशन तक को खराब कर सकते हैं। यह दिमाग और सेल्स को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से इन बीमारियों खतरा

कैंसर

एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ता है। इससे ब्रेस्ट और ब्रेन कैंसर का जोखिम बढ़ता है। ऐसे में प्लास्टिक के बर्तन में रखी गर्म चीजों को खाने से बचना चाहिए।

डायबिटीज और दिल की बीमारी

हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की रिसर्च के अनुसार, पॉली कार्बोनेट की बोतलों के पानी में बिस्फेनॉल ए नाम का केमिकल होता है, जो जब शरीर में जाता है तो दिल की बीमारियों और डायबिटीज का खतरा कई गुना तक बढ़ा सकता है।

By tnm

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