सोशल मीडिया पर आए दिन ऐसे मुद्दे आते हैं जो हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं। अब ऐसा ही कुछ बीते दिन उत्तर प्रदेश के मणिपुरी से सुनने को मिला है। जहां पर बीते दिन शनिवार को एक गर्भवती महिला को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन उसने बच्चे को जन्म दे दिया क्योंकि महिला को अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया था। यह घटना सोसैया मातृ शिशु चिकित्सालय में हुई थी। जहां पर एनेस्थिसियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति होने के कारण मां को भर्ती करने से मना कर दिया गया है।
दूसरे अस्पताल में कर दिया रेफर
बच्च के पिता द्वारा मिली जानकारी की मानें तो अस्पताल ने पहले कहा कि कुछ जटिलताओं के कारण बच्चे का सामान्य रुप से प्रसव नहीं हो सकता है और बच्चे को जन्म देने के लिए उन्हें ऑपरेशन करने की जरुरत है। बाद में यह कहा गया कि एनेस्थियोलॉजिस्ट अनुपस्थित था और मां को दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया। रास्ते में उसने एंबुलेंस के अंदर बच्चे को जन्म दिया। बच्चे के पिता ने बताया मैं अपनी पत्नी के साथ प्रसव के लिए आया था।

अस्पताल वालों ने नहीं दी रिपोर्ट
उन्होंने कहा कि प्रसव सामान्य तरीके से नहीं हो सकता और फिर मैंने कहा कि वे बच्चे को जन्म देने के लिए ऑपरेशन करते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि वे कर सकते हैं क्योंकि एनेस्थीसिया डॉक्टर मौजूद नहीं था और उन्होंने दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया। अस्पताल ले जाते हुए बच्चे का जन्म एंबुलेंस में हो गया। इसके बाद मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच सीमित का गठन भी किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरसी गुप्ता ने कहा कि संबंधित व्यक्ति द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई थी। उसके लिए मैंने दो सदस्यीय जांच समिति बनाई है। एक हफ्ते में वे रिपोर्ट दे देंगे और उस रिपोर्ट के बाद आगे की जांच होगी।

