कोविड के बाद से वर्क फ्रॉम होम और ऑफिस जॉब का एक कल्चर सा काफी प्रचलित हो गया है। इंसान पूरे दिन स्क्रीन के सामने बैठा रहता है और काम करता रहता है। इस तरह काम करने के कारण कई सारी समस्याएं होने लगती हैं। लगातार बैठे रहने से शरीर बहुत सी समस्याओं का शिकार हो जाता है। डेस्क जॉब कंधे और रीढ़ के हड्डी में दर्द का कारण बनती है।

ये तो सभी को पता ही है कि लगातार चेयर पर बैठे रहने के कारण आंखें और शरीर दोनों थकने लगता है और इसकी वजह से धीरे-धीरे हाई बीपी और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। डेड बट सिंड्रोम को क्लिनिकल भाषा में ग्लूटस मेडियस टेंडिनोपैथी कहा जाता है। ज्यादा बैठे रहने के कारण ये कंडीशन होती है। इस कारण कूल्हे यानी हिप्स और मांसपेशियों में दर्द होता है।
इसके कारण कई सारी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। अच्छे पोश्चर के लिए सुविधाजनक कुर्सी भी बेहद जरूरी है। समय रहते अगर इसे गंभीरता से नहीं लिया तो कई बीमारियां होने का डर हो सकता है।
