जंक फूड खाने से कैंसर होने का खतरा बहुत बढ़ जाता है। हालांकि ये खाने में स्वादिष्ट लगते हैं, लंबे समय में ये आपकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। लेकिन कुछ अन्य ऐसी चीज़ें भी हैं जो जंक फूड जितनी ही हानिकारक हैं और धीरे-धीरे कैंसर का कारण बन सकती हैं। हैरानी की बात यह है कि आपको इसका एहसास भी नहीं होगा कि कब ऐसा हो गया। यहां 12 ऐसी खाई जाने वाली चीजों की सूची दी गई है, जिनसे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, और जिन्हें हम अक्सर खाते हैं। इसके साथ ही इनकी जगह कुछ स्वस्थ विकल्प भी सुझाए गए हैं।
कोल्ड ड्रिंक

कोल्ड ड्रिंक चीनी से भरी होती है, जो कैंसर का मुख्य कारण है। बिना चीनी वाले विकल्प भी हानिकारक हैं क्योंकि इनमें आर्टिफिशियल केरामेल कलर होता है। इस आर्टिफिशियल कलर को केरामेल IV कहा जाता है और इसमें 4-MEI नामक एक केमिकल होता है, जो अमोनिया प्रक्रिया से निकलता है, जो कैंसर की वजह बनता है। लेकिन अगर आप कोल्ड ड्रिंक के बिना नहीं रह सकते, तो वो पैक खरीदें जिसमें 4-MEI न हो।
ग्रिल्ड रेड मीट

ग्रिल्ड मीट स्वादिष्ट होती है, लेकिन वैज्ञानिकों ने पाया है कि इसे उच्च तापमान पर पकाने से कैंसरजन्य हाइड्रोकार्बन बन जाते हैं, जो इसके केमिकल और मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर में बदलाव के कारण होते हैं। ऐसे में आप रेड मीट कम खाएं और इसे सावधानी से पकाएं, या इसके बदले वाइट मीट, जैसे चिकन खाएं।
माइक्रोवेव पॉपकॉर्न

माइक्रोवेव पॉपकॉर्न में डीआसेटेल होता है, जो इसे स्वादिष्ट बनाता है, लेकिन गर्म होने पर यह जहरीला हो जाता है। इसके अलावा इसके बैग पर लगी लाइनिंग कार्सिनोजेनिक होती है। वहीं आप ऑर्गेनिक कर्नेल खरीदें और उन्हें ओलिव ऑयल के साथ ओवन में बनाएं या एयर पॉपिंग मशीन का उपयोग करें।
कैन्ड फूड, विशेषकर टमाटर

कैन में मिलने वाला खाना खतरनाक हो सकता है क्योंकि कैन्स पर BPA नामक केमिकल की कोटिंग होती है। कैंड टमाटर और भी खतरनाक होते हैं क्योंकि इनमें मौजूद एसिड BPA को खाने में मिला देता है, जिससे यह और भी खतरनाक हो जाता है। ऐसे में आप इसकी जगह ताजे या फ्रोजन खाद्य पदार्थों का उपयोग करें।
वेजिटेबल ऑयल

वेजिटेबल ऑयल को केमिकल प्रक्रियाओं द्वारा निकाला जाता है, जिसमें खतरनाक मात्रा में ओमेगा-6 फैट होते हैं। ये सेल मेम्ब्रेन के स्ट्रक्चर में बदलाव लाते हैं, जिससे कैंसर हो सकता है। वहीं आप खाना बनाने के लिए नेचुरल तरीके से निकाले गए ऑयल, जैसे कि केनोला या ओलिव ऑयल का उपयोग करें।
फार्म्ड फिश, विशेषकर सैल्मन

जंगली सैल्मन में कई अच्छे प्रोटीन होते हैं, लेकिन अमेरिका में खाई जाने वाली 60% से ज्यादा सैल्मन खेती से आती है। इन्हें पेस्टिसाइड और एंटीबायोटिक्स दिए जाते हैं, जो उनके शरीर में जमा हो जाते हैं और जब हम इसे खाते हैं तो हमारे शरीर में भी आ जाते हैं। ऐसे में आप इसकी जगह जंगली पकड़ी हुई या शुद्ध मछली के तेल के सप्लीमेंट का उपयोग करें।
आर्टिफिशियल स्वीटनर्स

ज्यादातर आर्टिफिशियल स्वीटनर्स केमिकल प्रोसेस से बनाए जाते हैं। कुछ शोधों के अनुसार आर्टिफिशियल स्वीटनर्स से DKP (Diketopiperazine) नामक जहरीला पदार्थ निकलता है, जो शरीर में जमा होकर ब्रेन ट्यूमर को उत्पन्न कर सकता है। वहीं आप नेचुरल स्वीटनर्स जैसे स्टेविया का उपयोग करें।
मैदा

मैदा केमिकल प्रोसेस से गुज़रता है और इसे सफेद बनाने के लिए क्लोरीन गैस से ब्लीच किया जाता है। इसमें कई कार्बोहायड्रेट्स होते हैं, जो आसानी से चीनी में बदल जाते हैं, जो कैंसर का कारण बनता है।
कीटनाशक से गंदे फल

अल्ट्राज़ैन नामक कीटनाशक यूरोप में प्रतिबंधित है, लेकिन अमेरिका में अभी भी इसका उपयोग होता है। इस प्रकार के कीटनाशक से गंदे फल कैंसर का कारण बन सकते हैं। वहीं इन कीटनाशक फलों को खाने से बचें, और इसकी जगह हमेशा ऑर्गेनिक फल खरीदें और उन्हें खाने से पहले अच्छी तरह धो लें।
प्रोसेस्ड मीट

प्रोसेस्ड मीट, जैसे बेकन, हॉट डॉग, सॉसेज, में भारी मात्रा में सॉल्ट और नाइट्रेट्स होते हैं, जो लंबे समय तक खाने को सुरक्षित रखने के लिए डाले जाते हैं। ये एडिटिव्स आपकी सेहत के लिए खतरा हैं। वहीं आप इसकी जगह ऑर्गेनिक मीट खाएं और कम से कम प्रोसेसिंग वाले प्रोडक्ट्स चुनें।
पोटैटो चिप्स

पोटैटो चिप्स में ट्रांस फैट्स और अत्यधिक सॉल्ट होते हैं, जो कैंसर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। इनमें आर्टिफिशियल कलर्स और प्रेसर्वेटिव्स भी होते हैं। ऐसे में आप नेचुरल स्नैक्स, जैसे फ्रूट्स, नेचुरल पॉपकॉर्न, या बनाना चिप्स को डाइट में शामिल करें।
अत्यधिक शराब

अत्यधिक शराब पीने से सिर, गर्दन, गले, लिवर, छाती और आंत के कैंसर का खतरा बढ़ता है। सामान्यतः थोड़ी मात्रा में शराब को सेहत के लिए अच्छा बताया जाता है। ऐसे में आप शराब का सेवन सीमित मात्रा में करें।
