देशभर में आए दिन नए-नए वायरस फैलने के मामले सामने आ रहे हैं। इन्हीं में से एक एमपॉक्स भी है। वहीं देशभर में वैज्ञानिक इससे निपटने की तैयारी भी कर रहे हैं। ऐसे में भारत में विशाखापट्टनम स्थित आंध्र प्रदेश मेडटेक ज़ोन (AMTZ) और इसके सहयोगी ट्रांसएशिया डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड ने मिलकर भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित एमपॉक्स (MonkeyPox) RT-PCR किट लॉन्च किया है। इस किट का नाम ErbaMDx MonkeyPox RT-PCR किट है, जो देश की स्वास्थ्य सेवा और महामारी से निपटने की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति
यह किट भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा कठोर परीक्षण के बाद मान्यता प्राप्त कर चुकी है और इसे केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से आपातकालीन मंजूरी मिल गई है। यह मान्यता किट की सटीकता और विश्वसनीयता को दर्शाती है और साथ ही भारत की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांच क्षमताओं में बढ़ती क्षमता को भी उजागर करती है।
विशेषताएं जो इसे बनाती हैं खास
ErbaMDx MonkeyPox RT-PCR किट की सबसे खास बात यह है कि इसमें लियोफिलाइज्ड (शुष्क) घटक शामिल हैं, जिन्हें सामान्य तापमान पर भेजा और संग्रहीत किया जा सकता है। यह सुविधा उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जहां ठंडा रखने के साधन सीमित हैं, जिससे कि ये महत्वपूर्ण जांच उपकरण सबसे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी पहुंच सकते हैं। इस किट की शेल्फ लाइफ 12 महीने है और अन्य ऑर्थोपॉक्सवायरस के साथ शून्य क्रॉस-रिएक्टिविटी है, जिससे इसकी सटीकता और विश्वसनीयता और भी बढ़ जाती है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की अग्रणी भूमिका
AMTZ के प्रबंध निदेशक और संस्थापक सीईओ, डॉ. जितेंद्र शर्मा ने कहा कि ErbaMDx MonkeyPox RT-PCR किट का परिचय AMTZ और राष्ट्र दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह हमारी स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का उदाहरण है और उभरते खतरों के खिलाफ सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा में हमारी भूमिका को मजबूत करता है।
