मानसून के मौसम में बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बारिश के मौसम में कई प्रकार के संक्रमण शरीर को प्रभावित कर सकते हैं। इन्हीं में से एक स्क्रब टाइफस भी है। दरअसल हाल ही में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा को टाइफाइड और तेज बुखार के कारण शिलांग के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत की जांच के बाद स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई। मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी कि उन्हें अस्पताल के निजी वार्ड में भर्ती किया गया है और फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर है। अपने स्वास्थ्य कारणों के चलते मुख्यमंत्री विधानसभा सत्र के पहले दिन भी उपस्थित नहीं हो सके थे। ऐसे में बरसात के मौसम में लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक और सचेत रहना बेहद जरूरी है।

क्या है स्क्रब टाइफस

स्क्रब टाइफस एक गंभीर बैक्टीरियल बीमारी है, जो ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी Orientia tsutsugamushi नामक बैक्टीरिया के कारण होती है। यह बैक्टीरिया छोटे से माइट (पिस्सू) के काटने से इंसानों में फैलता है, जो आमतौर पर घास, झाड़ियों और नमी वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं। इस बीमारी के मामले बारिश के मौसम में अधिक देखने को मिलते हैं क्योंकि इस दौरान नमी के कारण माइट्स का प्रजनन तेजी से होता है।

स्क्रब टाइफस के लक्षण

स्क्रब टाइफस के लक्षण संक्रमण के बाद 6 से 21 दिनों में दिखने लगते हैं। इसके कुछ मुख्य लक्षण इस प्रकार शामिल है।

तेज बुखार

बदन और मांसपेशियों में दर्द

शरीर पर चकत्ते या लाल दाने

हाथ, पैर, गर्दन, और कूल्हों के नीचे सूजन या गिल्टियां

गंभीर मामलों में ऑर्गन फेलियर और आंतरिक रक्तस्राव

यदि समय पर इलाज न किया जाए, तो यह स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है और मरीज की जान तक खतरे में पड़ सकती है।

स्क्रब टाइफस से बचाव के उपाय

स्क्रब टाइफस से बचाव के लिए फिलहाल कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इसलिए इससे बचाव के लिए सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है। बारिश के मौसम में इस बीमारी से बचने के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सुरक्षात्मक कपड़े पहनें

जब भी ग्रामीण क्षेत्र में लोग जंगल, खेत, या घास के क्षेत्रों में जाते हैं, तो उन्हें पूरी बाजू की कमीज और शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने चाहिए। इससे माइट्स के काटने का खतरा कम होता है।

जूते पहनकर ही घास में जाएं

खासकर उन क्षेत्रों में जहां अधिक नमी होती है, जूते पहनकर ही जाना चाहिए। इससे पैरों पर माइट्स के काटने से बचाव हो सकता है।

शरीर का अधिक से अधिक भाग ढक कर रखें

बारिश के दौरान बाहर जाते समय हमेशा ऐसे कपड़े पहनें, जो शरीर को पूरी तरह से ढकें। इससे संक्रमण का खतरा कम हो जाएगा।

लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज कराएं

यदि बुखार, मांसपेशियों में दर्द, या शरीर पर चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर जांच करवाएं। स्क्रब टाइफस का जितनी जल्दी इलाज शुरू होता है, मरीज के स्वस्थ होने की संभावना उतनी ही अधिक होती है।

कीटनाशक का उपयोग करें

बाहर जाते समय त्वचा और कपड़ों पर माइट्स से बचाव के लिए कीटनाशक का उपयोग करें।

By tnm

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