इन दिनों अधिकांश राज्यों में भीषण गर्मी और प्रदूषित जल पीने से उल्टी, डायरिया यानि दस्त जैसी समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। ऐसे में छतीसगढ़ के कोयलारी गांव में बीते सप्ताह 6 मई से अब तक डायरिया से पीड़ित 50 मरीज मिल चुके हैं। हालांकि इनमे से अधिकतर मरीजों का ईलाज हो चुका है और उन्हें छुट्टी दे दी गई है। वहीं सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम को उल्टी-दस्त के पांच और मरीज मिले। ऐसे में सभी मरीजों को स्थानीय हाईस्कूल में लगाए गए अस्थाई शिविर में रखा गया है और ईलाज शुरु किया गया। साथ ही वर्तमान में 14 मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं। हालांकि इस दौरान सीएमएचओ डॉ.बीएल राज भी निरीक्षण के लिए गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
जलस्त्रोत दूषित होने से लोगों में बढ़ा डायरिया
दरअसल गांव की आबादी दो हजार के आसपास है। ऐसे में गांव में कुओं की संख्या भी अधिक है क्योंकि लगभग हर घर में कुआं है। इतना ही नहीं गांव में हैण्डपंप भी है। लेकिन सबसे समय यह है कि इन जल स्त्रोतों के आसपास ही कचरा फेका जाता है। जिस वजह से आसपास जलस्त्रोत दूषित यानि गंदे हो गए हैं।
वहीं गांव के लोग कुओं का पानी सेवन करते हैं जिस वजह से लोग डायरिया के चपेट में आने लगे हैं। हालांकि हेल्थ विभाग की टीम ने पेयजल के लिए प्रयोग किए जाने वाले सभी जल स्रोतों में ब्लीचिंग घोल डाला। वहीं ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई।
बता दें कि हर पंचायत में जल स्त्रोत के आसपास की सफाई, ब्लिचिंग पाउडर छिड़काव के लिए फंड रहता है। फंड नहीं मिलने पर स्थानीय आवक या फिर प्रशासनिक स्वीकृति से साफ-सफाई कराया जाता है। लेकिन ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों द्वारा इसमें लापरवाही बरती जाती है।
क्या है डायरिया
डायरिया तब होता है जब आपको एक दिन में 3 या अधिक बार पतला या तरल मल (मल) आता है, या सामान्य से अधिक बार होता है। यदि आपको दस्त है, तो आप अपने मल त्याग की मात्रा, पानी या आवृत्ति में वृद्धि देखेंगे। डायरिया की घटनाएं अक्सर पेट में कीड़े और दूषित पानी पीने की वजह से होती है। हालांकि यह कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती हैं। लेकिन कई बार ये गंभीर रूप से आपको बीमार भी कर सकती है।
क्या है डायरिया के लक्षण
ढीला या पानी जैसा मल होना
पेट में दर्द और मरोड़ महसूस होना
मल में म्यूकस आना
बार-बार शोच करने की जरूरत महसूस होना
अधिक बार शोच आना
वजन घटना
पेट फूला हुआ महसूस होना
उल्टी जैसा महसूस होना या उल्टी आना
शरीर का तापमान उच्च होना
मल में खून आना
डायरिया से ऐसे करें बचाव
पानी उबाल कर पिएं
जल स्त्रोत के आसपास की सफाई का ध्यान रखें
कुओं में पानी को स्वच्छ रखने के लिए ब्लिचिंग पाउडर छिड़काव करें
संतुलित आहार लें
