दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने सफेद दाग (विटिलिगो) से पीड़ित मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एम्स अब इन मरीजों को घर में ही फोटोथेरेपी की सुविधा प्रदान कर रहा है। यह पहल उन मरीजों के लिए एक राहत की बात है जो अस्पताल में बार-बार आने-जाने में असमर्थ हैं या जिनके लिए यह महंगा पड़ता है। इस सुविधा का लाभ अब तक 75 मरीजों को मिल चुका है।
विटिलिगो के बारे में गलतफहमियों का निवारण
एम्स के डीन (एकेडमिक) और त्वचा रोग विभाग के प्रमुख डॉ. कौशल वर्मा ने बताया कि विटिलिगो एक गैर-संक्रामक और गैर-जेनेटिक बीमारी है। उन्होंने इस बीमारी के प्रति समाज में फैली गलतफहमियों पर भी प्रकाश डाला। डॉ. वर्मा ने बताया कि कई बार समाज में इन मरीजों के साथ भेदभाव किया जाता है। चेहरे या हाथों पर सफेद दाग होने पर एयरलाइंस कंपनियां, होटल और कुछ विभाग उन्हें नौकरी देने से भी हिचकिचाते हैं, जो कि पूरी तरह से गलत है।
फोटोथेरेपी, घर में इलाज की सुविधा
प्रोफेसर डॉ. सुजय खंडपुर के अनुसार विटिलिगो के कारण हेल्थ को कोई सीधा खतरा नहीं होता, लेकिन यह देखने में अच्छा नहीं लगता, जिससे मरीज मानसिक रूप से प्रभावित हो सकते हैं। इस बीमारी का इलाज लंबा चलता है और यह कई बार मरीजों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जब दाग कम क्षेत्रों में होते हैं, तो ओइंटमेंट से इलाज किया जाता है, जबकि ज्यादा फैले हुए दागों के लिए खाने की दवाएं दी जाती हैं।
वहीं एम्स ने नैरो बैंड यूवीबी हैंड हेल्ड मशीन के जरिए घर में फोटोथेरेपी की सुविधा देने की शुरुआत की है। इसकी कीमत 8,000 से 15,000 रुपये तक होती है। एम्स यह मशीनें खरीदकर मरीजों को देती है और उनके उपयोग के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान करता है। करीब छह महीने तक घर में इस मशीन का इस्तेमाल करने से त्वचा का रंग काफी हद तक वापस आ जाता है। इलाज पूरा होने के बाद मरीज मशीन को एम्स को लौटा देते हैं और उनकी जमा की गई राशि भी उन्हें वापस कर दी जाती है।
सावधानी बरतने की जरूरत
एम्स के डॉक्टरों ने यह भी चेतावनी दी है कि डॉक्टरों की सलाह के बिना इस मशीन का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे त्वचा जलने का खतरा हो सकता है। अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. कनिका साहनी ने बताया कि जब दवाओं के जरिए बीमारी का फैलाव रुक जाता है, तब सर्जरी या मेलानोसाइट ट्रांसफर के माध्यम से त्वचा का रंग ठीक किया जा सकता है। चेहरे पर सफेद दाग होने पर कैमोफ्लाज मेकअप का इस्तेमाल करके दाग को छिपाया जा सकता है, जिससे मरीजों का आत्मविश्वास बढ़ता है।
