मेडिकल की दुनिया में किसी बीमार व्यक्ति को ठीक करने में जितना डॉक्टर और दवाइयों की भूमिका होती है उससे कई ज्यादा पेशेंट की देखभाल करने वाली नर्सेस का होता है क्योंकि वे 24 घंटे मरीज की देखरेख में लगी रहती हैं। दरअसल इसलिए भारत ही नहीं पूरी दुनिया भर में मेडिकल के क्षेत्र में इन नर्सों को सम्मान देने के लिए हर साल आज के दिन यानी 12 मई को International Nurses Day मनाया जाता है। इस दिन नर्सिंग पेशे को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नर्सों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस मौके पर आइए जानते हैं अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस कब से और क्यों मनाया जा रहा है। साथ ही जानेंगे 2024 का थीम क्या है।
सबसे पहले जानते हैं क्यों मनाया जाता है नर्स दिवस
हर साल 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जाता है। बता दें कि 1820 में इसी दिन मॉडर्न नर्सिंग की जन्मदाता फ्लोरेंस नाइटिंगेल का जन्म हुआ था। यही वजह है कि हर साल ये डे मनाया जाता है। हालांकि नर्सिंग पेशे को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नर्सों के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और नर्सेस को सम्मान देने के उद्देश्य से 1974 में इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ नर्सेस द्वारा इसे मनाने की घोषणा की गई तब से ये डे मनाया जा रहा है।
कोविड महामारी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाया
कोविड जैसी खतरनाक महामारी के समय में भी आपने देखा होगा कि कैसे नर्सेस अपनी जान की प्रवाह किये बिना फ्रंटलाइन में खड़े होकर लोगों की जिंदगी को बचाने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे में आज के दिन इन मेहनती पेशेवरों के योगदान की याद दिलाता है, जिनके बिना स्वास्थ्य सेवाएं अधूरी हैं। वहीं हमें इस मौके पर सभी नर्सों का धन्यवाद करना चाहिए जो मरीजों की देखभाल कर उन्हें एक हेल्दी लाइफ जीने का मौका देती हैं।
क्या है इस साल की थीम
अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस 2024 की थीम “हमारी नर्सें। हमारा भविष्य। देखभाल की आर्थिक शक्ति।”
