मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में हैजा के प्रकोप ने गंभीर स्थिति उत्पन्न कर दी है, जहां एक तीन साल की मासूम बच्ची की इस बीमारी से मौत हो गई है। आपको बता दें कि यह घटना श्री युगपुरुष धाम बाल आश्रम में हुई, जहां पिछले डेढ़ महीने में हैजा के कारण 11 बच्चों की जान जा चुकी है।

चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में भर्ती

चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय की अधीक्षक डॉ. प्रीति मालपानी के मुताबिक श्री युगपुरुष धाम बाल आश्रम की लड़की को 3 अगस्त को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। तब बच्ची को उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से जूझते हुए भर्ती किया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अंत में सोमवार रात को उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि लड़की पहले से ही कुपोषण और विकलांगता से पीड़ित थी, जो उसकी स्थिति को और गंभीर बना दिया था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मृत्यु के कारण की पुष्टि हो सके।

आश्रम में हैजा का प्रकोप

अस्पताल अधीक्षक डॉ. मालपानी ने यह भी बताया कि आश्रम प्रबंधन ने दावा किया कि उन्होंने हाल ही में लड़की को उसके परिवार के सदस्यों को सौंप दिया था। हालांकि प्रशासन की जांच रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है कि आश्रम में हैजा फैलने के कारण पिछले डेढ़ महीने में 11 बच्चों की मौत हो गई है। यह प्रकोप बच्चों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।

प्रशासनिक जांच और अनियमितताएं

आपको बता दें कि इंदौर प्रशासन द्वारा गठित एक उच्च-स्तरीय समिति की जांच में यह पाया गया कि आश्रम में बच्चों की अधिक संख्या, उनके मेडिकल रिकॉर्ड का ठीक से न बनाए रखना, और संस्था के रखरखाव में अन्य अनियमितताएं हैं। इन सभी कारकों ने हैजा के फैलने और बच्चों की स्थिति को गंभीर बनाने में योगदान दिया। प्रशासन इस घटना की जांच में जुटा हुआ है और आश्रम की स्थिति सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।

By tnm

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