मेडिकल दुनिया में आयें दिन कई ऐसी दुर्लभ बिमारियों का खुलासा होता है, जिसे सुन लोगों के होश उड़ जाते हैं। इतना ही नहीं डॉक्टर इन बीमारियों का इलाज कर मरीजों को नई जिंदगी भी देते हैं। एक ऐसा ही मामला हैदराबाद के निजी अस्पताल से आया है, जहां डॉक्टरों ने एओर्टिक एन्यूरिज्म डिजीज से पीड़ित एक महिला और उसके बेटे का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया है। बता दें कि यह बीमारी बेटे को उसके मां से विरासत में मिला है जिस वजह से वे भी इस बीमारी का शिकार हुआ है।
क्या है एओर्टिक एन्यूरिज्म डिजीज
एओर्टिक एन्यूरिज्म डिजीज एक दुर्लभ और आनुवंशिक बीमारी है, जो अकसर छाती में होता है। वहीं इस बीमारी से पुरुष और महिला दोनों समान रूप से प्रभावित होते है। हालांकि यह बीमारी उम्र बढ़ने के साथ अधिक होने की संभावना बढ़ जाती है। बता दें कि यह बीमारी अकसर हाई ब्लड प्रेशर या अचानक चोट के लगने की वजह से हो सकती है। इसके अलावा धमनी या शिरा की दीवार के धीरे-धीरे कमज़ोर होने की वजह से भी यह बीमारी हो सकती है। इतना ही नहीं विशेषज्ञों के मुताबिक इस बीमारी से जुड़ी केसेस काफी कम आते हैं। आपको बता दें कि यह दुर्लभ बीमारी प्रति 100,000 में केवल 0.19 लोगों को प्रभावित करती है।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि यह महिला करीब छह महीने पहले इलाज के लिए अस्पताल आई थी, जहां जांच में पता चला कि महिला एओर्टिक एन्यूरिज्म डिजीज से पीड़ित है। यही नहीं यह महिला सामान्य महिला की तुलना में काफी लंबी थी। डॉक्टरों के मुताबिक महिला से जब उसका बेटा मिलने आया तो उसका बेटा भी उल्लेखनीय रूप से 6 फीट 4 इंच लंबा था। जो यह दर्शाता है कि बेटे को भी मां से ये दुर्लभ बीमारी विरासत में मिली हुई है, जिसके बाद बेटे की भी जांच हुई। ऐसे में मां और बेटे की कंडीशन को देखते हुए डॉक्टरों ने तुरंत ऑपरेशन करने का फैसला किया।
मां और बेटे की हुई सफल सर्जरी
कंसल्टेंट कार्डियोथोरेसिक सर्जन विशाल वी. खांते ने बताया कि मां और बेटे का कामिनेनी अस्पताल में सफलतापूर्वक सर्जरी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि सर्जरी के दौरान एओर्टिक एन्यूरिज्म को आर्टिफ़िशियल एओर्टिक एन्यूरिज्म से बदल दिया गया है, जिससे मां और बेटे दोनों की जान बच गई है। फिलहाल दोनों की कंडीशन बेहतर है।
क्या है इस दुर्लभ बीमारी के लक्षण
एओर्टिक एन्यूरिज्म डिजीज स्टार्टिंग में धीरे-धीरे विकसित हो सकता है, और शुरू में इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं। लेकिन अगर यह बीमारी आगे चलकर बड़ी हो जाती है तो यह आस-पास के अंगों पर दबाव डाल सकता है या रक्त प्रवाह को अवरुद्ध कर सकता है। इतना ही नहीं यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। वहीं शरीर में कुछ सामान्य लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे कि-
अचानक से पीठ या बगल में गंभीर दर्द विकसित होना
पेट में लगातार कष्टदायक दर्द होना
नाभि के पास धड़कन जैसी अनुभूति होना
सांस लेने में तकलीफ होना
बेहोशी महसूस होना
अगर आप में भी लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि शुरुआती पहचान और उपचार आपके जीवन को बचाने में मदद कर सकते हैं।
