हाल ही में नैशनल ऑर्गन एण्ड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (एनओटीटीओ) ने रिपोर्ट जारी कर भारत में ऑर्गन ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि का खुलासा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2023 में भारत में कुल 18,378 ऑर्गन ट्रांसप्लांट किए गए, जो पिछले दशक की तुलना में तीन गुना अधिक है। इस उल्लेखनीय वृद्धि के साथ भारत ने विश्व में तीसरे स्थान पर पहुंचने का गौरव हासिल किया है, खासकर कॉर्निया ट्रांसप्लांट के मामले में जहां देश ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
एक हजार से अधिक मृतकों के अंग दान
रिपोर्ट में बताया गया है कि 2013 में देश में कुल ट्रांसप्लांट्स की संख्या 4,990 थी, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 18,378 हो गई है। इस अवधि में भारत ने ऑर्गन ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में कई मील के पत्थर छुए हैं। एनओटीटीओ ने यह भी खुलासा किया कि 2023 में पहली बार एक वर्ष में एक हजार से अधिक मृतकों के अंग दान किए गए, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 2013 में मृतक-दाताओं के अंग प्रत्यारोपण की संख्या 837 थी, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 2,935 हो गई है।
किडनी ट्रांसप्लांट के मामले में अधिक वृद्धि
विशेष रूप से किडनी ट्रांसप्लांट के मामले में सबसे अधिक वृद्धि देखी गई, जिसमें 2023 में कुल 13,426 प्रत्यारोपण दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त लिवर ट्रांसप्लांट के 4,491, हार्ट ट्रांसप्लांट के 221, फेफड़े ट्रांसप्लांट के 197, और पाचक ग्रंथि के ट्रांसप्लांट के 27 मामले दर्ज किए गए हैं। इस वृद्धि के पीछे का कारण भारतीय चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ती जागरूकता, चिकित्सा तकनीकों में सुधार, और सरकार द्वारा अंग दान को प्रोत्साहित करने के लिए उठाए गए कदम हैं।
जीवित डोनोरो में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी
जीवित दाताओं की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। 2023 में कुल 9,784 महिलाओं ने अंग दान किए, जो पुरुष दाताओं की संख्या 5,651 से लगभग दोगुना है। हालांकि मृत दाताओं के मामले में पुरुषों की संख्या अधिक रही, जिसमें 255 महिला दाताओं के मुकाबले 844 पुरुष दाताओं ने अंग दान किए।
इस रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि भारत में ऑर्गन ट्रांसप्लांट की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं, और भविष्य में इस क्षेत्र में और अधिक सुधार की उम्मीद की जा रही है। अंग दान और प्रत्यारोपण के प्रति बढ़ती जागरूकता ने कई लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
