इन दिनों आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के बढ़ते प्रयोग से चिकित्सा क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। दरअसल हाल ही में चीन में एक ऐसी सर्जरी की गई, जिसने सभी को हैरान कर दिया। इस सर्जरी में 5000 किलोमीटर की दूरी से रोबोट्स की मदद से एक मरीज के फेफड़े से ट्यूमर निकाला गया। बता दें कि ऑपरेशन के दौरान सर्जन शंघाई में था, जबकि मरीज और सर्जिकल रोबोट झिंजियांग के कशगर में स्थित थे। वहीं इस अद्भुत और दुर्लभ ऑपरेशन को डॉक्टर Luo Qingquan ने लीड किया।
Luo Qingquan ने क्या बताया
डॉ. Luo Qingquan ने इस तकनीक के बारे में बताया कि यह दिखाता है कि भविष्य में लोग बिना कहीं गए इलाज करा सकेंगे। इस तकनीक ने साबित किया है कि रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कैसे मेडिकल सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। यह सर्जरी चीन के पहले अस्पताल में हुई है, जहां रोबोट की मदद से चेस्ट सर्जरी की गई है। शंघाई चेस्ट हॉस्पिटल न केवल रोबोट सर्जरी में अग्रणी है, बल्कि तकनीक में रिसर्च और डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी काम कर रहा है।
भारत में भी रोबोटिक सिस्टम उपलब्ध
चीन में हुई इस सर्जरी की सफलता ने दुनिया भर में रोबोटिक सर्जरी की संभावनाओं को उजागर किया है। दिलचस्प बात यह है कि इस तरह की सर्जरी का रोबोटिक सिस्टम भारत में भी उपलब्ध है। भारतीय रोबोटिक सिस्टम SSI Mantra को सुधीर श्रीवास्तव द्वारा विकसित किया गया है। इस सिस्टम की विशेषता यह है कि यह मॉड्यूलर डिजाइन के साथ आता है और इसके पांच हाथ होते हैं, जिन्हें अलग भी किया जा सकता है।
भारत में भी किया जा चुका है ऐसा सर्जरी
भारत में इस रोबोटिक सिस्टम के माध्यम से 40 किलोमीटर की दूरी से सर्जरी की जा चुकी है। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, हालांकि चीन के मामले में की गई सर्जरी की तुलना में यह दूरी काफी कम है। लेकिन यह साबित करता है कि भारत में भी चिकित्सा क्षेत्र में तकनीक का तेजी से विकास हो रहा है और भविष्य में लंबी दूरी से भी सर्जरी करना संभव हो सकेगा।
इस तरह की सर्जरी न केवल चिकित्सा क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करती है, बल्कि मरीजों के लिए भी नई उम्मीदें जगाती है। यह दिखाता है कि कैसे टेक्नोलॉजी के साथ मानव जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है। रोबोटिक सर्जरी ने चिकित्सा क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत की है, जो आने वाले समय में और भी उन्नत होगी।
