आज कल आपने देखा ही होगा, घर हो या ऑफिस, बहुत से लोगों के कानों में earphones लगे ही रहते हैं। ऐसे में एक रिसर्च में ये बात साबित हुई है कि म्यूजिक सुनने से हार्ट अटैक आने का खतरा कम होता है, इतना ही नहीं हार्ट अटैक आने के बाद भी जान बचायी जा सकती है। दरअसल पॉप म्यूजिक की दुनिया में टेलर स्विफ्ट का कोई जवाब नहीं है। इस बारे में मेलबर्न में मोनाश यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं बताया है कि टेलर स्विफ्ट के गानों से हार्ट अटैक वालों को भी नई जिंदगी मिल सकती है।

म्यूजिक किस तरह से करता है काम

आपको बता दें इस अमेरिकी पॉप स्टार के कम से कम 50 ऐसे गाने ऐसे हैं जिन्हें अगर हार्ट अटैक वाले मरीज को सीपीआर देने के समय बजाया जाए तो मरीज की जान बच सकती है। हालांकि सिर्फ टेलर स्विफ्ट ही नहीं दुआ लिपा, हैरी स्टाइल, डिजल रास्कल, बिलिस एलिस, एरिथा फ्रेंकलिन और द बीटल्स के गानों में भी इस तरह की पॉवर है कि इनके सुनने के बाद जान बच सकती है। दरअसल जब हार्ट से अचानक खून पंप होना बंद हो जाता है तब कार्डिएक अरेस्ट आने की संभावना रहती है। इस स्थिति में सांसें बंद हो जाती है। मरीज की सांसें दोबारा से वापस लाने के लिए सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिसुसिएशन दिया जाता है।

यह इमरजेंसी प्रक्रिया है जो कुछ मिनट के अंदर ही देना होता है। ऐसे में छाती को विशेष तरह से दबाया जाता है जिससे हार्ट पंप करना शुरू कर देता है। सीपीआर से जान बचने की संभावना बढ़ जाती है लेकिन हार्ट को अपनी लय में लाने के लिए छाती को 100से 120 प्रति मिनट की दर से दबाना होता है।

इतनी जल्दी-जल्दी छाती को दबाना थोड़ा मुश्किल होता है, इसलिए डॉक्टर भी समझ नहीं पाते कि सीपीआर सही हो रहा है या नहीं। ऐसे में शोधकर्ताओं के मुताबिक संगीत इसी गैप की भारपाई करने में सक्षम होता है। यानी इस गति को बढ़ाने का काम करता है।

50 से ज्यादा पॉप गाने हैं सीपीआर के वक्त प्रभावी

शोधकर्ताओं ने पाया कि 50 से अधिक गानों में ऐसी पॉवर है, जो सीपीआर देने के समय छाती के दबाने की गति को एक दम से बढ़ा सकते हैं। विक्टोरियन हार्ट अस्पताल मेलबोर्न के प्रोफेसर स्टीफन निकोलस के मुताबिक टेलर स्विफ्ट का संगीत इस पीढ़ी का सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली संगीत माना गया है। चूंकि पुराने जमाने के जो प्रसिद्ध गाने हैं, वे युवाओं के बीच अपनी प्रासंगिकता खो रहे हैं। इसलिए प्रति मिनट अधिकतम बीट्स वाले नए गानों की पहचान जरूरी है।

प्रति मिनट औसतन 116 बीट्स

आपको बता दें रिसर्च में पाया गया कि पॉप संगीत में प्रति मिनट औसतन 116 बीट्स होते हैं। इसलिए छाती के दबाने की गति को ये बढ़ा सकता है। वहीँ प्रोफेसर स्टीफन के मुताबिक सीपीआर को दुनिया भर में सीखने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। इस प्रक्रिया के दौरान पॉप संगीत का भी सही से इस्तेमाल करना जानना चाहिए।

By tnm

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