आज के समय में भारत में कई तरह की बिमारियों से लोग घेरे हुए हैं। इसमें भी सबसे कॉमन बीमारी है डायबिटीज की, जो लगभग हर दूसरे इंसान को है। इसके इआल्ज के लिए बहुत से लोगों को इन्सुलिन लेने की भी जरूरत पड़ती है। वहीँ बहुत से डायबिटीज के मरीज डॉक्टर की सलाह पर दी गयी मेडिसिन का ही सेवन करते हैं। लेकिन अब भारत में डायबिटीज पेशेंट के लिए एक ऐसी दवा मार्किट में आने वाली है, जो इस बीमारी से लोगों को राहत देने का काम करेगी। लेकिन ये मेडिसिन हर कोई नहीं खरीद पायेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी कीमत काफी ज्यादा है, जो आम आदमी की जेब के लिए भारी साबित हो सकती है। इस मेडिसिन का नाम टिर्जेपटाइड है।

टाइप 2 डायबिटीज के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाएगी ‘टिर्जेपटाइड’

आपको बता दें भारत की ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन  (CDSCO) ने एली लिली की टिर्जेपटाइड ड्रग को मंजूरी दे दी है, जिसका इस्तेमाल टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के इलाज के लिए होगा। भारतीय बाजार में टिरजेपेटाइड ड्रग को मौन्जारो ब्रांड के तहत लॉन्च किया जाने वाला है। यह दवाई भारतीय बाजारों में 2025 तक लॉन्च करने की प्लानिंग चल रही है।

मोटापे के इलाज में भी मददगार

आपको बता दें इस मेडिसिन को टाइप 2 डायबिटीज के अलावा मोटापे को करने के लिए भी किया जा सकेगा। वहीँ सभी पहलुओं पर जांच पड़ताल करने के बाद अगर इसे मोटापे के इलाज के लिए बाजार में उतारा जाता है तो इसे ‘ज़ेपबाउंड’ नाम से बेचा जाएगा।

ये मेडिसिन कैसे काम करेगी

‘टिर्जेपटाइड’ एक नई दवाई है, जो ग्लूकोज-डिपेंडेंट इंसुलिनोट्रोपिक पॉलीपेप्टाइड (GIP) और ग्लूकागन-जैसे पेप्टाइड -1 (GLP -1) रिसेप्टर एगोनिस्ट को आपस में जोड़ेगी और दोनों के अच्छे गुणों का इस्तेमाल कर लोगों को फायदा वहीँ यह दवाई खाना खाने के बाद लोगों के पैनक्रियाज से निकलने वाले इन्सुलिन को बढ़ाएगी, जो ब्लड शुगर लेवल घटाने में मददगार साबित होगी। इसके साथ ही ‘टिर्जेपटाइड’ ग्लूकागन नामक हार्मोन की रिलीज पर रोक लगाता है। ग्लूकागन वह हार्मोन है, जो आमतौर पर ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाता है। यह दोहरी प्रक्रिया ना केवल भोजन के बाद ग्लूकोज लेवल बढ़ने पर रोक लगाने में मदद करती है बल्कि लिवर द्वारा बनाए जाने वाले ग्लूकोज को भी कम करती है।

इसके अलावा, ‘टिर्ज़ेपेटाइड’ भूख को कम करता है, जिससे लोगों के शरीर में खाने के बाद खून में बढ़ने वाले ग्लूकोज की मात्रा नियंत्रित होती है। डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए भूख कम करने का यह तरीका वजन घटाने में भी सहायक है, जिसकी वजह से ग्लोबल मार्केट का ध्यान इसकी ओर आकर्षित हुआ है।    

भारत में इसकी कितनी

आपको बता दें रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘टिर्जेपटाइड’ की प्रत्येक खुराक की कीमत प्रति सप्ताह लगभग 20 हजार रुपये तक हो सकती है। इसे हफ्ते में एक ही बार लेना होगा। ऐसे में एक महीने की ‘टिर्जेपटाइड’ खरीदने के लिए भारतीयों को 80 हजार रुपये खर्च करने पड़ सकते हैं। इस कीमत को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि यह आम जनता के लिए फायदें का सौदा साबित होने वाली है।

By tnm

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