भारत में कैंसर की बीमारी तेजी से फैल रही है, और इसके मामले हर साल बढ़ते जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2022 में देश में 14 लाख से अधिक नए कैंसर के मामले दर्ज किए गए हैं। लंग्स, ब्रेस्ट, सर्वाइकल, और प्रोस्टेट कैंसर के मामलों में विशेषकर इजाफा हो रहा है। कैंसर के इलाज में देरी और इसकी जटिलता के कारण यह बीमारी एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की ऊंची कीमतें और सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की कमी भी मरीजों और उनके परिवारों के लिए एक गंभीर समस्या है।
वहीं कैंसर के इलाज के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से मरीज एम्स दिल्ली का रुख करते हैं। यहां मरीजों की काफी भीड़ होती है, लेकिन एम्स के ही झज्जर स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनसीआई) में भी उत्कृष्ट उपचार सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस अस्पताल में कैंसर के मरीजों के लिए इम्यूनोथेरेपी जैसी आधुनिक थेरेपी भी उपलब्ध है, जो कैंसर उपचार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इम्यूनोथेरेपी क्या है
इम्यूनोथेरेपी एक उन्नत चिकित्सा तकनीक है, जिसमें मरीज के इम्यून सिस्टम को मजबूत किया जाता है ताकि वह कैंसर सेल्स को पहचान कर उन्हें नष्ट कर सके। इम्यूनोथेरेपी में इम्यून सिस्टम को एक्टिव किया जाता है, जिससे यह कैंसर सेल्स को खोजकर खत्म करने में सक्षम होता है। यह थेरेपी कीमोथेरेपी की तुलना में काफी कम साइड इफेक्ट्स के साथ आती है। विदेशों में इस थेरेपी के ट्रायल में अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं और अब एम्स झज्जर में भी इसका प्रयोग किया जा रहा है। इस थेरेपी में इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने वाली दवाओं का उपयोग किया जाता है, जिसे इंजेक्शन या ड्रिप के माध्यम से मरीज के शरीर में डाला जाता है।
कीमोथेरेपी से कैसे अलग है इम्यूनोथेरेपी
कीमोथेरेपी और इम्यूनोथेरेपी दोनों कैंसर के इलाज में उपयोगी हैं, लेकिन इन दोनों के काम करने के तरीके और साइड इफेक्ट्स में बड़ा अंतर है। कीमोथेरेपी में कैंसर सेल्स को मारने के लिए दवाएं दी जाती हैं, लेकिन यह स्वस्थ सेल्स को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इस कारण से कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट्स जैसे बालों का झड़ना, वजन में कमी, और त्वचा का काला पड़ना आम हैं। इसके विपरीत इम्यूनोथेरेपी में केवल कैंसर सेल्स को टारगेट किया जाता है, जिससे स्वस्थ सेल्स पर कोई नुकसान नहीं होता। इस थेरेपी में मरीज को बहुत कम साइड इफेक्ट्स का सामना करना पड़ता है, और यह एक सुरक्षित विकल्प के रूप में उभर कर सामने आई है।
एम्स झज्जर में सुविधाएं
एम्स (एनसीआई) झज्जर के हेड डॉ. आलोक ठक्कर बताते हैं कि उनके संस्थान में इम्यूनोथेरेपी के अलावा सर्जरी रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी की भी सुविधाएं उपलब्ध हैं। कैंसर मरीजों के इलाज के साथ-साथ उनके परिजनों के ठहरने और खानपान की भी उचित व्यवस्था की गई है। इस संस्थान में कैंसर के मरीजों को समुचित और आधुनिक उपचार प्रदान करने के सभी उपाय किए गए हैं।
कैंसर के इलाज में इम्यूनोथेरेपी बेहतर
कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए, इम्यूनोथेरेपी जैसी उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल एक उम्मीद की किरण है। यह थेरेपी न केवल प्रभावी है बल्कि इसके साइड इफेक्ट्स भी कम हैं, जिससे मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है। एम्स झज्जर में इस प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना देश के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है।
