हाल ही में उत्तर प्रदेश के एटा जिले के हरचंदपुर स्थित केंद्रीय विद्यालय में एक हैरान कर देने वाली घटना घटी, जब प्रार्थना सभा के दौरान 16 छात्राएं अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं। यह घटना उस समय हुई जब स्कूल में प्रार्थना सभा चल रही थी और सभी छात्राएं आंखें बंद कर प्रार्थना कर रही थीं। अचानक एक के बाद एक छात्राओं के गिरने से स्कूल में अफरा-तफरी मच गई।
छात्राओं को इमरजेंसी वार्ड में किया भर्ती
स्कूल प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी बेहोश छात्राओं को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनकी जांच शुरू की और आवश्यक चिकित्सा प्रदान की। यह सभी छात्राएं कक्षा 6वीं से 9वीं तक की थीं। घटना की सूचना मिलने पर जिले के जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
प्रार्थना के बाद दो बार पीटी कराई
जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इस घटना का मुख्य कारण स्कूल में असामान्य रूप से दो बार पीटी कराना था। आमतौर पर स्कूल में रोजाना एक बार पीटी कराई जाती है, लेकिन मंगलवार को प्रार्थना के बाद दो बार पीटी कराई गई। इस वजह से बच्चों को अधिक शारीरिक exertion का सामना करना पड़ा, जिससे कुछ छात्राओं को सांस लेने में परेशानी हुई और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं।
छात्राओं को सांस लेने में हुई तकलीफ
घटना के समय एटा में कुछ दिनों से बारिश नहीं होने के कारण उमस और गर्मी का माहौल था। ऐसे में अधिक शारीरिक परिश्रम के कारण बच्चों को अधिक गर्मी महसूस हुई और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई। इसके परिणामस्वरूप 16 छात्राएं बेहोश हो गईं। घटना की खबर मिलते ही छात्राओं के परिवारजन भी अस्पताल पहुंचे, जिन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त की।
जिलाधिकारी ने बेहतर इलाज के लिए दिए निर्देश
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रशासन की सख्ती और अनुचित प्रबंधन के कारण यह घटना हुई है। उन्होंने स्कूल प्रशासन को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया और उचित कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने बच्चों का हाल जानने के बाद डॉक्टरों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। फिलहाल सभी छात्राओं की हालत स्थिर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है। इस घटना ने स्कूल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की देखभाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
