आज कल कई तरह की बीमारियां हमें घर रही हैं, ऐसे में कई बीमारियां ऐसी होती हैं जिनका इलाज मेडिसिन नहीं बल्कि प्यार होता है। दरअसल डाउन सिंड्रोम एक कंडीशन है, यह एक अनुवांशिक डिसऑर्डर है, जो बच्चों को प्रभावित करता है। लेकिन यहां हैरानी वाली बात ये है कि हाल ही में एक देश ने डाउन सिंड्रोम से पीड़ित लड़की को एयरलाइन में नौकरी दी है।

एयरलाइन में मिली नौकरी

ऑस्ट्रेलिया की एयरलाइन वर्जिन ऑस्ट्रेलिया ने डाउन सिंड्रोम से पीड़ित लड़की को नौकरी देकर मिसाल कायम की है। इस बात की जानकारी खुद इस एयरलाइन ने उसकी लड़की की तस्वीरें शेयर करके दी है। डाउन सिंड्रोम से पीड़ित उस लड़की का नाम एले सेयर्स है, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा बनी हुई हैं। वहीँ इस एयरलाइन ने फोटोज शेयर करते हुए कहा है कि आज वह लड़की गर्व से अपनी वर्दी पहनेंगी और हर व्यक्ति की विशिष्टता को बेहतर ढंग से समझने में दुनिया की मदद करेंगी।

क्या होता है डाउन सिंड्रोम

आपको बता दें डाउन सिंड्रोम एक डिसऑर्डर है, जो तब होता है, जब 21वें गुणसूत्र का दोहराव होता है। यह विकार प्रत्येक वर्ष जन्म के समय लगभग 6,000 बच्चों को प्रभावित करता है। इसमें बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। इस विकार से ग्रस्त बच्चे के चेहरे की विशिष्ट विशेषताएं होती हैं, साथ ही उनकी बौद्धिक क्षमता भी कमजोर होती है। इस समस्या को बच्चे के जन्म से पहले स्क्रीनिंग, कुछ टेस्ट के जरिए और जन्म के बाद जेनेटिक टेस्ट से पहचाना जा सकता है।

डाउन सिंड्रोम से ग्रस्त लोगों में नजर आने वाली समस्याएं

डाउन सिंड्रोम से ग्रस्त लोगों में चेहरे के फीचर्स अलग तरह के नजर आते

इससे बौद्धिक अक्षमता और शारीरिक विकास देर से होता है

कई बार यह थायरॉइड या हृदय रोग से भी जुड़ा हो सकता है

इसमें सोचने, सीखने-समझने में मुश्किल आती है

बच्चा बोलना देर से शुरू करता है

सुनने में समस्या, इम्यून डेफिशिएंसी, गर्दन के पिछले हिस्से पर अतिरिक्त त्वचा होना, कान की बनावट में समस्या

मुंह से सांस लेना

मोटापा, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया

हथेलियों और तलवों की त्वचा का मोटा होना

थायरॉयड, दृष्टि विकार जैसी समस्याएं हो सकती हैं

डाउन सिंड्रोम का निदान और इलाज

यदि समय से गर्भ धारण किया जाए, तो बच्चे को इस समस्या से बचाया जा सकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ स्क्रीनिंग, टेस्ट के जरिए यह पता लगाने में आसानी होती है कि शिशु को डाउन सिंड्रोम संबंधित कोई लक्षण हैं या नहीं। जेनेटिक अल्ट्रासाउंड, ब्लड टेस्ट आदि किए जाते हैं। डाउन सिंड्रोम से ग्रस्त बच्चे को कुछ दवाएं, स्पीच और फिजिकल थेरेपी, बिहेवियरल थेरेपी दी जाती है, ताकि वह जरूरी चीजों, सीखने-समझने की क्षमता विकसित कर सके।

By tnm

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