इन दिनों आए दिन लोगों के साथ साइबर स्कैम होने के मामले सामने आते हैं। वहीं हेल्थ सेक्टर में भी ऐसे के मामले देखने को मिलते हैं। दरअसल हाल ही में आईटी क्षेत्र में वैश्विक अव्यवस्था ने अस्पतालों और सामान्य प्रैक्टिशनर्स (जीपी) की प्रणालियों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। इस तकनीकी संकट के चलते स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा आया है, जिससे मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।

ग्लोबल आईटी अव्यवस्था में ये समस्याएं शामिल है

बता दें कि ग्लोबल आईटी अव्यवस्था की घटनाओं में साइबर हमलों, तकनीकी खामियों और सिस्टम डाउनटाइम जैसी समस्याएं शामिल हैं। कई अस्पतालों और जीपी प्रैक्टिस ने रिपोर्ट किया है कि उनके ई-हेल्थ रिकॉर्ड सिस्टम, अपॉइंटमेंट शेड्यूलिंग, और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रभावित हुए हैं। यह स्थिति मरीजों के डेटा की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता को खतरे में डाल रही है।

यूके के अस्पतालों EMR सिस्टम डाउन

दरअसल कुछ समय पहले ही यूके के कुछ प्रमुख अस्पतालों को इस संकट का सामना करना पड़ा, जहां उनके इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड (EMR) सिस्टम डाउन हो गए थे। इससे मरीजों की चिकित्सा जानकारी तक पहुंचने में समस्या आई और आपातकालीन सेवाओं को भी बाधित किया गया। इसके अतिरिक्त, जीपी प्रैक्टिसों को अपने मरीजों की जानकारियों को मैन्युअल रूप से संभालने में कठिनाई का सामना करना पड़ा, जिससे समय की बर्बादी और त्रुटियों का खतरा बढ़ गया।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने क्या बताया

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह की समस्याओं का प्राथमिक कारण कमजोर सुरक्षा उपाय और साइबर हमलों की बढ़ती घटनाएं हैं। हैकर्स द्वारा किए गए हमलों ने कई संस्थानों के आईटी ढांचे को निशाना बनाया है, जिससे डेटा की चोरी और प्रणाली की क्षति हुई है।

साइबर सुरक्षा उपायों को बढ़ावा देना

सरकारी और स्वास्थ्य विभाग इस समस्या के समाधान के लिए तेजी से कदम उठा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि तकनीकी सुधार और सुरक्षा उपायों को लागू करके इन समस्याओं को कम किया जा सकेगा। इसके अलावा स्वास्थ्य संस्थानों को अपनी साइबर सुरक्षा क्षमताओं को बढ़ाने की सलाह दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।

By tnm

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